सऊदी अरब के वित्त मंत्री मोहम्मद अल-जदआन ने मियामी में हुए एक कार्यक्रम के दौरान देश की आर्थिक मजबूती पर बड़ी बात कही है। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब आज उन निवेशों का फायदा उठा रहा है जो पिछले कई दशकों से किए गए थे। इन निवेशों की वजह से ही देश आज बड़े संकटों को झेलने की ताकत रखता है। मंत्री ने साफ किया कि विजन 2030 के लक्ष्य तेजी से पूरे हो रहे हैं और देश अब तेल पर अपनी निर्भरता को कम करने के लिए गैर-तेल गतिविधियों को तेजी से बढ़ा रहा है।
विजन 2030 की क्या है ताज़ा स्थिति और भविष्य के लक्ष्य
मोहम्मद अल-जदआन ने जानकारी दी कि विजन 2030 के तहत शुरू की गई करीब 87 प्रतिशत योजनाएं या तो पूरी हो चुकी हैं या बिल्कुल सही दिशा में आगे बढ़ रही हैं। सरकार का मुख्य ध्यान अब अर्थव्यवस्था के उन क्षेत्रों पर है जो तेल से नहीं जुड़े हैं। वित्त मंत्री ने 26 मार्च 2026 को कहा कि मौजूदा वैश्विक स्थितियों को देखते हुए तेल बाजार में कोविड-19 से भी बड़ी रुकावटें आ सकती हैं। इसके बावजूद सऊदी अरब अपनी मजबूत वित्तीय स्थिति और पहले से किए गए निवेशों की बदौलत इन चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार है।
सऊदी अरब की नई आर्थिक रणनीति और निवेश की योजना
सऊदी सरकार ने आने वाले समय के लिए अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। सरकार का कहना है कि बजट घाटा सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है ताकि भविष्य में बड़े मुनाफे वाले प्रोजेक्ट्स में निवेश किया जा सके। वित्त मंत्री ने बताया कि उनका लक्ष्य ऐसे क्षेत्रों को बढ़ावा देना है जो लंबे समय तक देश की कमाई का जरिया बनें।
| क्षेत्र | मुख्य जानकारी |
|---|---|
| नई रणनीति का बजट | 2 ट्रिलियन डॉलर का निवेश लक्ष्य |
| प्रमुख सेक्टर | पर्यटन, मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स |
| लक्ष्य प्राप्ति | 93% प्रमुख संकेतकों पर काम जारी |
| टैक्स की स्थिति | टैक्स में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं |
मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि पिछले चार-पांच सालों के दौरान सऊदी अरब ने अपनी रिजर्व राशि से 1 ट्रिलियन रियाल से अधिक का उपयोग किया है। यह राशि बजट घाटे को संभालने और विजन 2030 के बड़े प्रोजेक्ट्स को रफ्तार देने के लिए खर्च की गई है। आने वाले समय में सरकार का ध्यान माइनिंग और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में स्थिरता और स्पष्ट नीतियां बनाने पर रहेगा ताकि निवेशकों को भरोसा मिल सके।
