सऊदी अरब के फाइनेंस मिनिस्टर ने तेल की कीमतों को लेकर एक बड़ी बात कही है। उनका कहना है कि तेल की असली कीमतें उन भावों से काफी ज्यादा हैं जो हमें स्क्रीन पर दिखाई देते हैं। फिलहाल तेल की कीमतें अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं, जिससे पूरी दुनिया के बाजार पर असर पड़ रहा है।

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तेल की कीमतों में इतनी बढ़ोत्तरी क्यों हो रही है?

मिडल ईस्ट में तनाव बढ़ने की वजह से तेल की सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है। सऊदी अरामको ने अप्रैल के लिए तेल की कीमतें बढ़ा दी हैं। Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही रुकने से कच्चे तेल के भाव बढ़ गए हैं। मार्च के महीने में करीब 101 लाख बैरल तेल की सप्लाई कम हुई है।

तेल उत्पादन और सप्लाई पर असर की पूरी जानकारी

विवरण असर/कीमत
कुल सप्लाई में कमी (मार्च) 10.1 मिलियन बैरल प्रतिदिन
उत्पादन में गिरावट 6 लाख बैरल प्रतिदिन
पाइपलाइन सप्लाई में कमी 7 लाख बैरल प्रतिदिन
संभावित अधिकतम कीमत 180 डॉलर प्रति बैरल
Brent Crude चेतावनी 147 डॉलर के पार

आगे तेल के दाम कहां तक जा सकते हैं?

सऊदी के पेट्रोलियम अधिकारियों का मानना है कि अगर मिडल ईस्ट में हालात नहीं सुधरे, तो तेल की कीमत 180 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है। Goldman Sachs के जानकारों ने भी चेतावनी दी है कि Brent Crude की कीमत 147 डॉलर के पुराने रिकॉर्ड को पार कर सकती है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की खबरों से कीमतों में थोड़ी गिरावट देखी गई थी।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.