Oil Price Update: सऊदी अरब ने दी चेतावनी, युद्ध लंबा खिंचा तो बढ़ जाएंगे तेल और खाद के दाम
सऊदी अरब के वित्त मंत्री Mohammed Al-Jadaan ने दुनिया की आर्थिक हालत को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने बताया कि अभी ग्लोबल इकोनॉमी में काफी धुंधलापन है और कुछ भी साफ नहीं है। अगर मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध लंबा खिंचता है, तो आने वाले समय में तेल और खाद की कीमतें काफी बढ़ सकती हैं। यह बातें उन्होंने वाशिंगटन में IMF और वर्ल्ड बैंक की मीटिंग के दौरान कहीं।
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तेल और खाद के दामों में बढ़ोतरी क्यों होगी?
मंत्री ने कहा कि युद्ध की वजह से मार्केट में सामान की कमी है, इसलिए कीमतें बढ़ेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि तेल की असली कीमतें अक्सर बताई गई कीमतों से ज्यादा होती हैं और इतिहास में यह 120 से 160 डॉलर तक पहुंच चुकी हैं। अभी भी खरीदार ज्यादा पैसा देने को तैयार हैं क्योंकि बाजार में तेल की कमी है।
सऊदी और Gulf देशों पर क्या असर पड़ेगा?
सऊदी अरब, UAE और कतर ने साफ कर दिया है कि वे अपने विकास के काम नहीं रोकेंगे। युद्ध के बावजूद इन देशों में इंफ्रास्ट्रक्चर और रिफॉर्म्स के लिए निवेश जारी रहेगा। सऊदी की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन बहुत अहम है, जिससे हर दिन 50 लाख बैरल तेल गुजरता है, जो पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है।
जहाजों और शिपिंग के लिए क्या चुनौतियां हैं?
ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने का स्वागत किया गया है। लेकिन मंत्री ने चेतावनी दी कि सिर्फ रास्ता खोलना काफी नहीं है, शिपिंग कंपनियों को सुरक्षा की गारंटी चाहिए। साथ ही बीमा कंपनियों को भी वाजिब दाम पर इंश्योरेंस देना होगा ताकि तेल की सप्लाई बिना रुकावट चलती रहे।
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| तेल की ऐतिहासिक कीमत | 120 से 160 डॉलर |
| पाइपलाइन क्षमता | 50 लाख बैरल प्रतिदिन |
| प्रभावित देश | सऊदी अरब, UAE, कतर |
| मुख्य मुद्दा | शिपिंग सुरक्षा और बीमा दरें |
| घोषणा की तारीख | 17 अप्रैल 2026 |