बहरीन की राजधानी मनामा में अमेरिका और खाड़ी देशों (GCC) के बीच एक बहुत अहम बैठक होने जा रही है। इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्ला अल सऊद बहरीन पहुंच चुके हैं। इस मुलाकात का मुख्य मकसद पूरे इलाके में शांति बनाए रखना और आपसी रणनीतिक रिश्तों को और मजबूत करना है।
जब सऊदी विदेश मंत्री मनामा पहुंचे, तो बहरीन के विदेश मंत्री ने उनका स्वागत किया। इस बैठक के लिए अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio भी बहरीन पहुंच चुके हैं। मार्को रुबियो ने अपने क्षेत्रीय दौरे की शुरुआत मंगलवार, 23 जून 2026 को अबू धाबी से की थी, जिसके बाद वह बहरीन आए। यह पूरी बैठक गुरुवार, 25 जून 2026 को आयोजित की जाएगी, जिसमें GCC के अन्य सदस्य देशों के विदेश मंत्री भी शामिल होंगे।
बैठक के मुख्य मुद्दे और मकसद
इस बैठक का उद्देश्य अमेरिका और GCC देशों के बीच रणनीतिक सहयोग को बढ़ाना है। इसमें ‘कॉम्प्रिहेंसिव सिक्योरिटी इंटीग्रेशन एंड प्रॉस्पेरिटी एग्रीमेंट’ (C-SIPA) के तहत आपसी संबंधों को और बेहतर बनाने पर चर्चा होगी। साथ ही, दुनिया भर में बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए विवादों को सुलझाने के प्रयासों की सराहना की जाएगी।
बैठक के दौरान कुछ खास बातों पर जोर दिया जाएगा:
- ईरान संकट का शांतिपूर्ण और टिकाऊ समाधान निकालना।
- देशों की संप्रभुता का सम्मान करना और एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में दखल न देना।
- होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखना।
- दुनिया भर में ऊर्जा और खाद्य आपूर्ति की स्थिरता को बनाए रखना।
इसके अलावा, बैठक में ईरान के प्रॉक्सी नेटवर्क और उसके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम जैसे गंभीर सुरक्षा मुद्दों पर भी बातचीत होने की संभावना है। बहरीन के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर अमेरिका के साथ अपनी पुरानी दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी को दोहराया है। मंत्रालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की क्षेत्रीय शांति पहलों के प्रति अपना समर्थन भी जताया है।
