सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने जर्मनी के म्यूनिख में एक बहुत महत्वपूर्ण मीटिंग की है। उन्होंने वहां गाजा बोर्ड ऑफ पीस के बड़े अधिकारी निकोले म्लादेनोव से मुलाकात की। यह बातचीत 14 फरवरी 2026 को म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन के दौरान हुई, जिसमें गाजा में चल रही लड़ाई को रोकने और वहां दोबारा सबकुछ बनाने के रोडमैप पर चर्चा की गई।

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मीटिंग में किन अहम मुद्दों पर हुई बात?

इस मुलाकात में सबसे ज्यादा जोर इस बात पर दिया गया कि गाजा में लड़ाई पूरी तरह कैसे बंद हो। सऊदी अरब ने साफ कहा है कि अभी जो थोड़ी बहुत शांति है, वह काफी नहीं है क्योंकि हिंसा अभी भी हो रही है। प्रिंस फैसल ने बताया कि जब तक लोगों की जान सुरक्षित नहीं होती, तब तक असली शांति नहीं आ सकती। उन्होंने यह भी मांग की कि गाजा के लोगों के लिए खाना और दवाई जैसी मदद बिना किसी शर्त के तुरंत पहुंचनी चाहिए। मीटिंग में विदेश मंत्री के सलाहकार मोहम्मद अलयाह्या और डॉ. मनाल रदवान भी मौजूद थे।

गाजा को दोबारा बनाने में कितना पैसा लगेगा?

युद्ध के बाद गाजा को फिर से बसाने के लिए बहुत बड़े बजट की जरूरत बताई गई है। संयुक्त राष्ट्र और विश्व बैंक की रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां सबकुछ ठीक करने में करीब 5.8 लाख करोड़ रुपये (70 बिलियन डॉलर) का खर्च आएगा। इस काम को संभालने के लिए बनाए गए बोर्ड के कुछ नियम भी सामने आए हैं।

  • शुरुआती तीन सालों में काम शुरू करने के लिए 20 बिलियन डॉलर की तत्काल जरूरत होगी।
  • इस बोर्ड के अध्यक्ष अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं।
  • नियम है कि जो देश पहले साल में करीब 8300 करोड़ रुपये (1 बिलियन डॉलर) देगा, उसे बोर्ड में 3 साल की सीमा से छूट मिलेगी।

आगे क्या होने वाला है?

निकोले म्लादेनोव ने चेतावनी दी है कि अगर युद्धविराम का उल्लंघन जारी रहा, तो गाजा के प्रशासन के लिए बनी तकनीकी समिति वहां काम शुरू नहीं कर पाएगी। सऊदी अरब और गल्फ के बाकी देश चाहते हैं कि वहां जल्दी से जल्दी हालात सुधरें ताकि आम लोगों की जिंदगी पटरी पर आ सके। म्यूनिख में हुई यह मीटिंग इसी दिशा में एक बड़ी कोशिश है, ताकि फिलिस्तीनी लोगों को उनका हक मिल सके और क्षेत्र में पक्की शांति आ सके।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.