सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने फ्रांस के वोक्स-डी-सर्ने (Vaux-de-Cernay) में अपने ब्रिटिश, फ्रांसीसी और कनाडाई समकक्षों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। यह मुलाकात 26 मार्च 2026 को फ्रांस में आयोजित G7 मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान हुई। इन बैठकों में क्षेत्रीय विकास, आपसी संबंधों और वैश्विक सुरक्षा के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान किन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई?

इन अलग-अलग बैठकों में नेताओं ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। इसमें क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को सबसे अधिक प्राथमिकता दी गई। बैठक के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति और यूक्रेन युद्ध से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा हुई।
  • समुद्री सुरक्षा को बेहतर बनाने और लेबनान में हो रहे घटनाक्रमों पर बात की गई।
  • सऊदी अरब और इन देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत करने के रास्तों पर विचार हुआ।
  • क्षेत्र में तनाव को कम करने और शांति बनाए रखने के प्रयासों पर सहमति जताई गई।
  • फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने ईरान की ओर से होने वाले हमलों की निंदा की और सऊदी अरब के साथ अपनी एकजुटता दोहराई।

बैठक में शामिल प्रमुख नेता और G7 का एजेंडा

सऊदी अरब को G7 की इस बैठक में एक आमंत्रित देश के रूप में शामिल किया गया था। इस दौरान प्रिंस फैसल बिन फरहान ने दुनिया के ताकतवर देशों के विदेश मंत्रियों से मुलाकात की। इस बैठक में शामिल प्रमुख लोगों का विवरण इस प्रकार है:

देश प्रतिनिधि का नाम
सऊदी अरब प्रिंस फैसल बिन फरहान (विदेश मंत्री)
ब्रिटेन यवेट कूपर (Yvette Cooper)
फ्रांस जीन-नोएल बैरोट (Jean-Noël Barrot)
कनाडा अनीता आनंद (Anita Anand)

G7 की इस मुख्य बैठक में वैश्विक शासन सुधार, निर्माण की चुनौतियां, सप्लाई चैन और दुनिया भर में शांति को खतरा पैदा करने वाले मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें आर्थिक अनिश्चितता और अमेरिका की विदेश नीति में बदलाव जैसे विषय भी शामिल रहे।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.