सऊदी अरब का बड़ा बयान, यरुशलम की सुरक्षा और शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ठोस कदम उठाने की अपील

Nura Basta5 August 20262 min read46 viewsSaudi
सऊदी अरब का बड़ा बयान, यरुशलम की सुरक्षा और शांति के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ठोस कदम उठाने की अपील

सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan ने हाल ही में जॉर्डन के अम्मान में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान यरुशलम की सुरक्षा को लेकर एक सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यरुशलम और वहां मौजूद पवित्र स्थलों की सुरक्षा करना न केवल एक जिम्मेदारी है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति स्थापित करने की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि यरुशलम की पवित्रता बनाए रखना पूरे अरब जगत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए अत्यंत आवश्यक है।

यरुशलम की ऐतिहासिक स्थिति पर सऊदी का जोर

बैठक को संबोधित करते हुए Prince Faisal bin Farhan ने कहा कि अल-अक्सा मस्जिद समेत यरुशलम के कई हिस्सों पर लगातार उल्लंघन किए जा रहे हैं। इन हरकतों का मुख्य उद्देश्य शहर की ऐतिहासिक और कानूनी स्थिति को बदलना है। सऊदी विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि पूर्वी यरुशलम फिलिस्तीन की राजधानी है और इसे किसी भी हालत में बदला नहीं जा सकता है। सऊदी सरकार की ओर से यह भी साफ किया गया है कि बस्तियों का विस्तार, जमीन पर कब्जा और पवित्र स्थलों की स्थिति बदलने वाली कोई भी एकतरफा कार्रवाई पूरी तरह से शून्य और अवैध मानी जाएगी।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

सऊदी विदेश मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को याद दिलाया कि गाजा और वेस्ट बैंक में जारी सैन्य कार्रवाइयां शांति प्रक्रिया के लिए एक बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने वैश्विक शक्तियों से आग्रह किया कि वे इन उल्लंघनों को रोकने के लिए ठोस और तत्काल कदम उठाएं। सऊदी अरब का मानना है कि नफरत फैलाने वाले भाषणों और उकसावे की घटनाओं को रोकना अब समय की मांग है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इबादत की आजादी के नाम पर किसी भी राजनीतिक एजेंडे को थोपना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जॉर्डन की भूमिका की सराहना

इस अवसर पर Prince Faisal bin Farhan ने जॉर्डन के राजा Abdullah II के प्रयासों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि जॉर्डन लंबे समय से यरुशलम में इस्लामिक और ईसाई पवित्र स्थलों की सुरक्षा और उनके ऐतिहासिक स्वरूप को बचाने के लिए ईमानदारी से काम कर रहा है। सऊदी अरब ने इस दिशा में जॉर्डन का पूर्ण समर्थन करने का वादा किया है। इस बैठक में मौजूद अरब मंत्रिस्तरीय समिति के अन्य सदस्यों के साथ भी उन्होंने क्षेत्रीय स्थिरता के महत्व पर चर्चा की। सऊदी अरब की यह नीति स्पष्ट है कि क्षेत्र में शांति तभी संभव है जब फिलिस्तीनी लोगों के अधिकारों का सम्मान किया जाए और अंतरराष्ट्रीय नियमों का पूरी तरह से पालन हो।

Share:

Comments

Leave a comment