सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस Faisal bin Farhan Al Saud ने 22 जून 2026 को जॉर्डन की राजधानी Amman में GCC देशों की एक अहम बैठक में हिस्सा लिया। इस मीटिंग का मकसद खाड़ी देशों के बीच आपसी तालमेल बढ़ाना और इलाके में शांति बनाए रखना था। जॉर्डन के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Ayman Safadi ने इस बैठक को बुलाया था।

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इस बैठक में सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय चुनौतियों पर बात की और आपसी सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य अरब देशों के बीच साझा कार्रवाई को बढ़ावा देना और सुरक्षा के मुद्दों पर एक राय बनाना था। सभी नेताओं ने इलाके में तनाव कम करने और स्थिरता लाने के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों पर अपने विचार रखे।

मीटिंग में सऊदी अरब के साथ-साथ अन्य GCC देशों के मंत्री भी शामिल हुए। कतर की तरफ से Minister of State for Foreign Affairs Sultan bin Saad Al Muraikhi और मिस्र के विदेश मंत्री Dr. Badr Abdel Ati ने भी इस चर्चा में हिस्सा लिया।

इसी दौरान जॉर्डन में अरब लीग (League of Arab States) का 165वां सत्र भी शुरू हुआ, जहाँ राजनीतिक और सुरक्षा मुद्दों पर बात हुई। साथ ही सऊदी और जॉर्डन समेत आठ अरब-इस्लामिक देशों ने एक साझा बयान जारी किया। इस बयान में वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ बढ़ती हिंसा की कड़ी निंदा की गई और दो-राष्ट्र समाधान (two-state solution) का समर्थन किया गया।

इससे पहले 21 जून 2026 को प्रिंस Faisal bin Farhan Al Saud ने काहिरा में मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की के विदेश मंत्रियों के साथ चौथी बैठक में हिस्सा लिया था। वहां अमेरिका और ईरान के बीच 18 जून को हुए समझौते (MoU) का स्वागत किया गया। इसे तनाव कम करने और संघर्ष के खतरों को खत्म करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना गया। इस बैठक में खाड़ी अरब देशों और लेवेंट क्षेत्र की सामूहिक सुरक्षा पर भी जोर दिया गया।