सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्ला ने साइप्रस में यूरोपीय संघ के विदेश मामलों की परिषद की अनौपचारिक बैठक के दौरान एक बड़ी कूटनीतिक पहल की है। इस बैठक के दौरान उन्होंने फ्रांस, फिनलैंड और बेल्जियम के अपने समकक्षों से मुलाकात की और आपसी हितों के कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। यह बैठक साइप्रस के लिमासोल शहर में आयोजित की गई थी, जहां कई देशों के प्रतिनिधि इकट्ठा हुए थे।
किन प्रमुख देशों के मंत्रियों के साथ हुई सऊदी विदेश मंत्री की मुलाकात?
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान 27 मई 2026 को साइप्रस के लिमासोल पहुंचे थे। इसके बाद 28 मई 2026 को उन्होंने फ्रांस, फिनलैंड और बेल्जियम के विदेश मंत्रियों के साथ अलग से बैठकें कीं। इन मुलाकातों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और आपसी सहयोग बढ़ाने को लेकर गंभीर चर्चा हुई। इससे पहले 26 मई 2026 को उन्होंने इसी बैठक के इतर भारतीय विदेश मंत्री से भी मुलाकात की थी।
इस बैठक में किन मुख्य मुद्दों पर बातचीत की गई?
यूरोपीय संघ की इस अनौपचारिक बैठक को ‘Gymnich’ बैठक के नाम से भी जाना जाता है। इस बैठक का माहौल काफी अनौपचारिक रहता है, जिससे नेताओं को बिना किसी सख्त प्रोटोकॉल के खुलकर बात करने का मौका मिलता है। इस बार की बैठक में मुख्य रूप से नीचे दिए गए मुद्दों पर चर्चा हुई:
- मध्य पूर्व (Middle East) के ताजा हालात और सुरक्षा स्थिति।
- यूक्रेन में चल रहा युद्ध और उसके वैश्विक प्रभाव।
- अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा और उससे जुड़ी चुनौतियां।
- वैश्विक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आपसी सहयोग।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने किस देश का दौरा किया?
सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने साइप्रस के लिमासोल शहर का दौरा किया, जहां उन्होंने यूरोपीय संघ के विदेश मामलों की परिषद की अनौपचारिक बैठक में हिस्सा लिया।
इस बैठक में किन अन्य देशों के मंत्रियों से चर्चा हुई?
बैठक के दौरान सऊदी विदेश मंत्री ने फ्रांस, फिनलैंड, बेल्जियम और भारत के विदेश मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय चर्चा की।
इस अनौपचारिक बैठक का मुख्य एजेंडा क्या था?
बैठक में मुख्य रूप से मध्य पूर्व के हालात, यूक्रेन युद्ध, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की गई।