सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान गुरुवार को साइप्रस के लिमासोल शहर पहुंचे। यहाँ उन्होंने यूरोपीय संघ की एक खास बैठक के दौरान फ्रांस, बेल्जियम और फिनलैंड के विदेश मंत्रियों से अलग से मुलाकात की। इस बैठक में देशों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने और दुनिया में चल रहे बड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा की गई। इस बातचीत में दोनों तरफ के हितों को ध्यान में रखकर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।

सऊदी विदेश मंत्री ने किन नेताओं से की मुलाकात और क्या हुई बातचीत?

इस बैठक के दौरान सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट, बेल्जियम के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मैक्सिम प्रिवोट और फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनन से खास मुलाकात की। इन मुलाकातों में मुख्य रूप से द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने और आपसी सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर बात हुई। इसके अलावा, क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा और स्थिरता को लेकर भी गहन चर्चा की गई ताकि क्षेत्र में शांति का माहौल बना रहे।

यूरोपीय संघ की इस बैठक में किन खास मुद्दों पर चर्चा हुई?

यह बैठक यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की एक अनौपचारिक बैठक थी जिसे जिमनिच भी कहा जाता है। इस बैठक में कई वैश्विक मुद्दों पर बात हुई जिसमें शामिल हैं:

  • रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा संघर्ष और उस पर यूरोप की प्रतिक्रिया।
  • मिडिल ईस्ट में चल रहा संकट और सुरक्षा पर इसके प्रभाव।
  • समुद्री रास्तों, खासकर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के आने-जाने की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  • भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) के रणनीतिक महत्व पर चर्चा की गई जिसमें भारत और सऊदी अरब की भागीदारी अहम मानी जा रही है।

इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर और यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा को भी कुछ सत्रों में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया था। यूरोपीय कमिश्नर और अन्य देशों के मंत्रियों ने भी सऊदी अरब और भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी की सराहना की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी विदेश मंत्री की यह बैठक कहाँ और कब हुई?

यह बैठक साइप्रस के लिमासोल शहर में 28 मई 2026 को आयोजित की गई थी।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्या था?

इसका उद्देश्य यूरोपीय देशों के साथ सऊदी अरब के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना, क्षेत्रीय सुरक्षा और भारत-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर जैसे बड़े आर्थिक प्रोजेक्ट्स पर चर्चा करना था।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.