सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने हाल ही में बहरीन, कतर और ईरान के विदेश मंत्रियों के साथ अलग-अलग बातचीत की है। इस पूरी चर्चा का मुख्य मकसद मिडिल ईस्ट में बढ़ रहे तनाव को कम करना और पूरे इलाके में शांति बनाए रखना था। सऊदी विदेश मंत्रालय ने इन मुलाकातों की जानकारी साझा की है ताकि क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत किया जा सके।
सऊदी अरब ने किन देशों से बात की और क्या रहा मकसद?
प्रिंस फैसल बिन फरहान ने कई “भाईचारे वाले देशों” के विदेश मंत्रियों के साथ संपर्क साधा। इनमें बहरीन के विदेश मंत्री अब्दुललतीफ बिन राशिद अल ज़यानी, कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमन बिन जसीम अल थानी और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल थे। इन बातचीत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव को घटाना और सुरक्षा के लिए आपसी सहयोग बढ़ाना था।
बातचीत में किन खास मुद्दों पर चर्चा हुई?
- बहरीन के साथ चर्चा: सऊदी और बहरीन के विदेश मंत्रियों ने हालिया घटनाक्रमों पर बात की और तनाव को कम करने के तरीकों पर चर्चा की ताकि क्षेत्रीय स्थिरता बनी रहे।
- कतर के साथ बातचीत: प्रिंस फैसल और शेख मोहम्मद ने अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की कोशिशों और राजनयिक प्रयासों की समीक्षा की। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों को खुला रखने और जहाजों की आवाजाही सुरक्षित करने पर जोर दिया गया।
- ईरान के साथ चर्चा: सऊदी विदेश मंत्री और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच क्षेत्रीय तनाव कम करने पर बात हुई। ईरान की तरफ से उन राजनयिक कोशिशों का जिक्र किया गया जिससे अमेरिका और ज़ायोनी शासन द्वारा थोपे गए युद्ध को खत्म किया जा सके।
यह सारी राजनयिक हलचल ऐसे समय में हुई है जब फरवरी के अंत से क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां बढ़ गई थीं और अमेरिका व ईरान के बीच बातचीत रुकी हुई थी। इन चर्चाओं का लक्ष्य आम लोगों और देशों के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करना है।