सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज ने फ्रांस की सशस्त्र बल मंत्री कैथरीन वॉट्रिन (Catherine Vautrin) के साथ एक अहम बैठक की है। यह मुलाकात 24 मार्च 2026 को हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच रक्षा संबंधों को और बेहतर बनाने पर लंबी चर्चा चली। इस बैठक में न केवल आपसी सहयोग की बात हुई बल्कि क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों पर भी विचार साझा किए गए।

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बैठक में किन मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई?

सऊदी और फ्रांस के बीच हुई इस बैठक में मुख्य रूप से द्विपक्षीय रक्षा संबंधों की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के नए रास्तों की तलाश की। प्रिंस खालिद बिन सलमान ने इस मीटिंग की पुष्टि करते हुए बताया कि इसमें क्षेत्रीय विकास और उसके विभिन्न स्तरों पर होने वाले असर पर भी बातचीत हुई। रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए बैठक के एजेंडे की जानकारी दी और इसे सफल बताया।

ईरान के हमलों पर क्या कदम उठाया गया?

इस मुलाकात के दौरान सऊदी अरब को निशाना बनाकर किए जाने वाले ईरानी हमलों पर कड़ा रुख अपनाया गया। दोनों मंत्रियों ने इन हमलों की बार-बार होने वाली घटनाओं की निंदा की। फ्रांस की ओर से यह स्पष्ट किया गया कि वे सऊदी अरब की सुरक्षा और उसकी सीमाओं की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जारी रखेंगे। इससे पहले भी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने सऊदी क्राउन प्रिंस से बातचीत कर अपनी एकजुटता दिखाई थी।

हाल के दिनों में हुए महत्वपूर्ण घटनाक्रम

तारीख मुख्य जानकारी
19 मार्च 2026 रियाद में अरब और इस्लामिक देशों की बैठक में ईरानी हमलों की निंदा हुई।
22 मार्च 2026 राष्ट्रपति मैक्रॉन ने क्राउन प्रिंस को सुरक्षा सहायता का भरोसा दिया।
24 मार्च 2026 सऊदी और फ्रांस के रक्षा मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय बैठक संपन्न हुई।

बैठक में यह भी तय किया गया कि नागरिक बुनियादी ढांचे और ऊर्जा केंद्रों पर होने वाले हमलों को रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रयास तेज किए जाएंगे। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों की आवाजाही की आजादी बहाल करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार में कोई बाधा न आए।