यमन के मारिब इलाके में पीने के साफ पानी की भारी किल्लत को दूर करने के लिए सऊदी अरब ने एक बड़ी पहल की है। यहाँ सोलर एनर्जी से चलने वाले वॉटर पंप लगाए जा रहे हैं ताकि लोगों को लंबे समय तक पानी मिलता रहे। इस कदम से स्थानीय निवासियों और विस्थापित लोगों की जिंदगी में बड़ा बदलाव आएगा।

करोड़ों के प्रोजेक्ट से सुधरेगी पानी की हालत

सऊदी डेवलपमेंट एंड रिकंस्ट्रक्शन प्रोग्राम फॉर यमन (SDRPY) और यूरोपीय संघ (EU) ने मिलकर मारिब में एक बड़ा प्रोजेक्ट शुरू किया है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 9.5 मिलियन सऊदी रियाल है, जिसे Silah Foundation for Development लागू कर रहा है। यह प्रोग्राम मारिब सिटी, मारिब वैली और हरिब जिलों के करीब 3,60,000 लोगों की मदद करेगा।

  • इस प्रोजेक्ट के तहत 8 नए सोलर आर्टेशियन कुएं खोदे जा रहे हैं।
  • 3 पुराने कुओं की मरम्मत की जाएगी।
  • पानी जमा करने के लिए 7 ऊंचे स्टोरेज टैंक बनाए जाएंगे।
  • 8 नए वॉटर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बिछाए जाएंगे।

अस्पताल और कैंपों में भी पहुंचेगा पानी

किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) भी मारिब में पानी की सुविधा बढ़ाने के लिए काम कर रहा है। जून 2026 में मारिब जनरल हॉस्पिटल में सोलर पावर सिस्टम और नया कुआं लगाने का काम पूरा हुआ, जिसे Yamani Foundation ने लागू किया। इसके अलावा, IOM के जरिए 25.2 मिलियन डॉलर की लागत से तीन और प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए हैं, जिनमें अल-सुवैदा प्रोजेक्ट का विस्तार और अल-जुफैनह आईडीपी कैंप में पानी की व्यवस्था शामिल है।

सोलर पावर से मिलेगी राहत

इन प्रोजेक्ट्स में सबसे खास बात यह है कि इनमें पेट्रोल या डीजल के बजाय सोलर एनर्जी का इस्तेमाल हो रहा है। इससे रखरखाव का खर्चा कम होगा और प्रदूषण भी नहीं होगा। इसमें 5,000 लीटर के पॉलीथीन टैंक और आसान नल लगाए गए हैं ताकि आम लोग आसानी से पानी ले सकें। साथ ही, स्थानीय लोगों को पानी के सही इस्तेमाल और मशीनों की देखभाल की ट्रेनिंग भी दी जा रही है।

आम जनता पर असर

साफ पानी मिलने से इलाके में हैजा और डायरिया जैसी बीमारियों में कमी आएगी। सबसे ज्यादा फायदा उन महिलाओं और बच्चों को होगा जिन्हें पानी लाने के लिए घंटों पैदल चलना पड़ता था। अब उन्हें घर के पास ही पानी मिलेगा, जिससे बच्चे पढ़ाई पर ध्यान दे सकेंगे। इसके अलावा, सोलर पंपों की मदद से ग्रामीण इलाकों में खेती-बाड़ी को भी सहारा मिलेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.