खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों ने रूस और जॉर्डन के साथ मिलकर एक महत्वपूर्ण बैठक की है। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 30 मार्च 2026 को आयोजित की गई। इस मीटिंग का मुख्य मकसद क्षेत्र में ईरान की तरफ से बढ़ रही चुनौतियों और हमलों पर चर्चा करना था। सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस Faisal bin Farhan ने भी इस चर्चा में हिस्सा लिया और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखी।

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बैठक में किन बड़े मुद्दों पर हुई चर्चा?

इस बैठक में कई अहम बिंदुओं पर बातचीत हुई जो खाड़ी देशों की सुरक्षा और स्थिरता से जुड़े हैं। मुख्य रूप से ईरान द्वारा किए जा रहे हमलों के असर और इससे पैदा होने वाले खतरों को लेकर गहराई से विचार किया गया।

  • ईरान द्वारा हाल ही में किए गए हमलों के बाद क्षेत्र में पैदा हुए गंभीर हालात पर चर्चा हुई।
  • नागरिक ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की गई।
  • क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन पर जोर दिया गया।
  • GCC देशों और जॉर्डन की सुरक्षा को लेकर एक साझा रुख अपनाने पर सहमति बनी।
  • तनाव को कम करने और कूटनीतिक समाधान खोजने के लिए आपसी तालमेल बढ़ाने पर बात हुई।

इस बैठक में कौन-कौन से बड़े नेता शामिल हुए?

यह एक हाई-प्रोफाइल वर्चुअल मीटिंग थी जिसमें रूस और जॉर्डन के विदेश मंत्रियों ने भी हिस्सा लिया। खाड़ी देशों के बीच आपसी तालमेल को और मजबूत करने के लिए यह एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसमें शामिल मुख्य नेताओं की जानकारी नीचे दी गई है:

नेता का नाम पद और देश
Prince Faisal bin Farhan सऊदी अरब के विदेश मंत्री
Sergey Lavrov रूस के विदेश मंत्री
Ayman Safadi जॉर्डन के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री
Jassim Mohammed Al-Budaiwi GCC के महासचिव

बैठक के दौरान सभी नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कूटनीतिक कोशिशें जारी रखनी होंगी। GCC के महासचिव ने बताया कि यह बैठक ईरान के हमलों के नकारात्मक वैश्विक प्रभावों को रोकने के लिए बुलाई गई थी। इस बैठक का आयोजन सोमवार को किया गया और इससे पहले रविवार को ही इसके बारे में आधिकारिक जानकारी साझा की गई थी।