सऊदी अरब में मक्का की ग्रैंड मस्जिद यानी मस्जिद अल-हरम आने वाले तीर्थयात्रियों और उमराह करने वालों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। सरकार ने मस्जिद के विशाल परिसर के भीतर रास्ता ढूंढने और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक आधुनिक और एडवांस नेविगेशन सिस्टम लागू किया है। अब मस्जिद के अंदर किसी भी यात्री को रास्ता खोजने में परेशानी नहीं होगी और वे आसानी से अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे।
मस्जिद में रास्ता ढूंढने के लिए क्या नया इंतजाम किया गया है?
द टू होली मॉस्क जनरल अथॉरिटी ने मस्जिद के ग्राउंड फ्लोर पर लगे सभी खंभों पर विशेष जियोग्राफिक कोडिंग वाले साइन बोर्ड लगाए हैं। यह कोडिंग सिस्टम लोगों को एक स्पष्ट दिशा देने में मदद करता है। इसके अलावा मस्जिद के महत्वपूर्ण हिस्से सफा और मरवा के बीच वाले कॉरिडोर जिसे मसाय (Masaa area) कहा जाता है, वहां पर 84 नए डायरेक्शनल बोर्ड लगाए गए हैं ताकि भारी भीड़ के समय भी लोग बिना किसी उलझन के चल सकें।
हज और उमराह यात्रियों को इस नए सिस्टम से क्या फायदा होगा?
यह नया मार्गदर्शन सिस्टम सीधे तौर पर मस्जिद के दरवाजों, मुख्य रास्तों और महत्वपूर्ण स्थलों से जुड़ा हुआ है। इसके डिजाइन को खास तौर पर इस तरह तैयार किया गया है ताकि हज और रमजान जैसे व्यस्त समय में भारी भीड़ होने पर भी यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे सके। इस नई तकनीक की मदद से तीर्थयात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी और मस्जिद प्रशासन को भीड़ प्रबंधन में भी काफी मदद मिलेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मक्का की ग्रैंड मस्जिद में कौन से नए साइन बोर्ड लगाए गए हैं?
मस्जिद के ग्राउंड फ्लोर पर खंभों के पास जियोग्राफिक कोडिंग साइन और सफा व मरवा के बीच मसाय क्षेत्र में 84 नए दिशा-सूचक बोर्ड लगाए गए हैं।
इस नए नेविगेशन सिस्टम को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य तीर्थयात्रियों और उमराह करने वालों के लिए रास्ता खोजना आसान बनाना, सुरक्षा बढ़ाना और भारी भीड़ के दौरान आवाजाही को नियंत्रित करना है।