सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती शेख डॉ. सालेह बिन फौज़ान अल-फौज़ान ने धुल हिज्जा के पहले दस दिनों के लिए खास सलाह जारी की है। उन्होंने सभी मुसलमानों से इन दिनों में इबादत और नेक कामों में जी जान लगाने को कहा है। इस दौरान अल्लाह के करीब आने वाले कामों पर जोर दिया गया है ताकि लोग ज्यादा से ज्यादा सवाब कमा सकें।
धुल हिज्जा के पहले 10 दिनों में क्या करें?
ग्रैंड मुफ्ती ने बताया कि ये दस दिन इबादत के लिए बहुत अहम हैं। उन्होंने लोगों को नीचे दी गई चीजों के लिए प्रोत्साहित किया है:
- इबादत बढ़ाएं: नमाज़, सदका और रोज़े जैसे नेक कामों में बढ़ोतरी करें।
- जिक्र करें: अल्लाह का जिक्र ज्यादा करें, खासकर तहलील (ला इलाहा इल्लल्लाह), तहमिद (अलहम्दुलिल्लाह) और तकबीर (अल्लाहु अकबर) का जाप करें।
- कुर्बानी का नियम: जो लोग कुर्बानी (Udhiyah) देना चाहते हैं, उन्हें सलाह दी गई है कि धुल हिज्जा की शुरुआत से लेकर कुर्बानी होने तक अपने नाखून और बाल न काटें।
रोज़े रखने के नियम और जरूरी बातें
धुल हिज्जा के महीने में रोज़ों को लेकर मुफ्ती ने साफ दिशा-निर्देश दिए हैं ताकि लोग गलती न करें:
- अराफ़ा का रोज़ा: 9 धुल हिज्जा को अराफ़ा का रोज़ा रखने की सलाह दी गई है। जो लोग हज नहीं कर रहे, उनके लिए यह रोज़ा पिछले और आने वाले साल के गुनाहों को माफ करने वाला माना जाता है।
- कब रोज़ा न रखें: ईद-उल-अज़हा (10 धुल हिज्जा) और तशरीक के तीन दिनों (11, 12 और 13 धुल हिज्जा) में रोज़ा रखना मना है।
चाँद कब देखा जाएगा?
सऊदी अरब के सुप्रीम कोर्ट ने धुल हिज्जा महीने के चाँद को देखने के लिए ऐलान किया है। सभी मुसलमानों से अपील की गई है कि वे रविवार, 17 मई 2026 की शाम को चाँद देखें। इसके बाद ही महीने की आधिकारिक शुरुआत की पुष्टि होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कुर्बानी देने वालों के लिए क्या नियम है?
ग्रैंड मुफ्ती के अनुसार, जो लोग कुर्बानी देना चाहते हैं, उन्हें धुल हिज्जा महीने की शुरुआत से लेकर कुर्बानी पूरी होने तक अपने नाखून और बाल नहीं काटने चाहिए।
धुल हिज्जा में किन दिनों में रोज़ा रखना मना है?
ईद-उल-अज़हा के दिन यानी 10 धुल हिज्जा और उसके बाद तशरीक के तीन दिनों (11, 12 और 13 धुल हिज्जा) में रोज़ा रखना मना है।
