सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती और काउंसिल ऑफ सीनियर स्कॉलर्स के प्रेसिडेंट शेख सालेह अल-फौजान ने मुसलमानों के लिए एक अहम अपील की है. उन्होंने ज़ुल हिज्जा के पहले 10 दिनों की अहमियत बताते हुए लोगों से अपनी इबादत बढ़ाने को कहा है. यह समय अल्लाह की तरफ से दी गई एक बड़ी नेमत है, जिसमें नेक काम करने वालों को खास सवाब मिलता है.

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ज़ुल हिज्जा के 10 दिनों में कौन से नेक काम करना बेहतर है

शेख सालेह अल-फौजान ने बताया कि इन दस दिनों में की गई इबादत अल्लाह को किसी भी दूसरे समय के मुकाबले ज़्यादा पसंद है. उन्होंने लोगों को निम्नलिखित कामों में जुटने की सलाह दी है:

  • नमाज़ और दुआ: अपनी नमाज़ों में पाबंदी रखें और अल्लाह का ज़्यादा से ज़्यादा ज़िक्र करें.
  • दान और खैरात: गरीबों की मदद करें और ज़्यादा से ज़्यादा चैरिटी करें.
  • रोज़ा रखना: इन दिनों में रोज़े रखना बहुत फायदेमंद है.
  • गुनाहों से दूरी: फर्ज़ इबादतों को पूरा करने के साथ-साथ हर तरह के गुनाहों से बचने की कोशिश करें.

खास तौर पर, जो लोग हज पर नहीं जा रहे हैं, उनके लिए अराफ़ा के दिन रोज़ा रखने की बहुत बड़ी फज़ीलत बताई गई है. ग्रैंड मुफ्ती के मुताबिक, इस एक दिन का रोज़ा पिछले दो साल के गुनाहों को मिटा देता है.

कुर्बानी के नियम और 2026 की संभावित तारीखें

कुर्बानी देने वाले लोगों के लिए एक ज़रूरी गाइडलाइन जारी की गई है. जिन लोगों को कुर्बानी (उधिया) देनी है, उन्हें सलाह दी गई है कि महीने की शुरुआत से लेकर कुर्बानी पूरी होने तक अपने बाल, नाखून या त्वचा का कोई भी हिस्सा न काटें.

सऊदी सुप्रीम कोर्ट ने रविवार, 17 मई 2026 की शाम को ज़ुल हिज्जा का चांद देखने की अपील की है. इसके आधार पर 2026 की संभावित तारीखें इस प्रकार हो सकती हैं:

खास दिन संभावित तारीख (2026)
ज़ुल हिज्जा की शुरुआत 18 मई 2026 (सोमवार)
अराफ़ा का दिन 26 मई 2026
ईद अल-अधा 27 या 28 मई 2026

ये सभी तारीखें चांद दिखने के आधार पर तय होंगी, इसलिए आधिकारिक ऐलान का इंतज़ार करना ज़रूरी है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

अराफ़ा के दिन रोज़ा रखने का क्या फायदा है?

ग्रैंड मुफ्ती शेख सालेह अल-फौजान के अनुसार, जो लोग हज पर नहीं गए हैं, उनके लिए अराफ़ा के दिन रोज़ा रखना बहुत पुण्य का काम है क्योंकि यह दो साल के गुनाहों को माफ कर देता है.

कुर्बानी देने वालों के लिए क्या खास निर्देश दिए गए हैं?

कुर्बानी देने वाले लोगों को सलाह दी गई है कि वे ज़ुल हिज्जा महीने की शुरुआत से लेकर कुर्बानी की प्रक्रिया पूरी होने तक अपने नाखून और बाल न काटें.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.