सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय (MoH) और पब्लिक हेल्थ अथॉरिटी ने हज 1447 AH (2026) के लिए स्वास्थ्य संबंधी नए नियम जारी किए हैं। सरकार ने उन बीमारियों की एक लिस्ट निकाली है, जिनकी वजह से शारीरिक अक्षमता के कारण लोगों को हज परमिट नहीं दिया जाएगा। यह कदम श्रद्धालुओं की सुरक्षा और उनकी सेहत को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है ताकि rituals के दौरान कोई गंभीर समस्या न हो।

किन बीमारियों की वजह से हज परमिट नहीं मिलेगा?

सऊदी अधिकारियों ने साफ किया है कि जिन लोगों को नीचे दी गई स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उन्हें हज परमिट मिलने में दिक्कत होगी क्योंकि वे शारीरिक रूप से सक्षम नहीं माने जाएंगे।

  • किडनी फेल्योर के गंभीर मरीज जिन्हें डायलिसिस की जरूरत होती है।
  • दिल की गंभीर बीमारी (Advanced heart failure) या लिवर सिरोसिस।
  • गंभीर मानसिक बीमारियां, डिमेंशिया और बहुत ज्यादा बढ़ती उम्र।
  • गर्भावस्था के आखिरी तीन महीने या हाई रिस्क वाली प्रेग्नेंसी।
  • संक्रामक बीमारियां जैसे खुला पल्मोनरी ट्यूबरकुलोसिस और रक्तस्रावी बुखार (hemorrhagic fevers)।
  • कैंसर के मरीज जो कीमोथेरेपी या ऐसी थेरेपी ले रहे हैं जिससे इम्यून सिस्टम कमजोर हो गया हो।
  • गंभीर न्यूरोलॉजिकल और साइकियाट्रिक डिसऑर्डर जिससे सोचने-समझने की क्षमता कम हो गई हो।

वैक्सीनेशन और परमिट के लिए जरूरी नियम

हज पर जाने वाले सभी लोगों के लिए कुछ टीकों का लगना अनिवार्य है। इसके अलावा परमिट के नियमों का पालन न करने पर भारी जुर्माना लग सकता है।

  • अनिवार्य टीका: सभी यात्रियों को पहुंचने से कम से कम 10 दिन पहले मेनिंगोकोकल मेनिनजाइटिस (quadrivalent ACYW) का टीका लगवाना होगा।
  • सुझाए गए टीके: 65 साल से ऊपर के बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पुरानी बीमारियों वाले लोगों को 1 जनवरी 2025 के बाद वाला COVID-19 टीका लगवाने की सलाह दी गई है। साथ ही इन्फ्लुएंजा का टीका भी जरूरी बताया गया है।
  • परमिट की अनिवार्यता: बिना आधिकारिक हज परमिट के हज करना सख्त मना है। किसी भी तरह का विजिट वीजा हज करने की अनुमति नहीं देता है।
  • जुर्माना और सजा: विजिट वीजा पर हज करने की कोशिश करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगेगा। वहीं निवासियों और ओवरस्टेयर लोगों को डिपोर्ट किया जाएगा और 10 साल तक सऊदी आने पर रोक रहेगी।

मक्का में एंट्री और होटल के नियम

हज के दौरान मक्का और पवित्र स्थलों में प्रवेश केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जिनके पास आधिकारिक हज परमिट होगा। इसके लिए Nusuk प्लेटफॉर्म के जरिए उमराह परमिट जारी करने की प्रक्रिया ज़ुल-क़ादा की शुरुआत से 14 ज़ुल-हिज्जा तक बंद रहेगी। इसके अलावा, पर्यटन मंत्रालय ने मक्का के सभी होटलों और आवास केंद्रों को निर्देश दिया है कि वे बिना वैध हज परमिट वाले किसी भी व्यक्ति को ठहराएं नहीं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हज पर जाने के लिए कौन सा टीका अनिवार्य है?

सभी श्रद्धालुओं के लिए मेनिंगोकोकल मेनिनजाइटिस (ACYW) वैक्सीन अनिवार्य है, जो सऊदी पहुंचने से कम से कम 10 दिन पहले लगनी चाहिए।

क्या विजिट वीजा पर हज किया जा सकता है?

नहीं, किसी भी तरह का विजिट वीजा हज की अनुमति नहीं देता है। बिना आधिकारिक परमिट के हज करने पर 20,000 रियाल जुर्माना और डिपोर्ट होने की सजा मिल सकती है।