सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय (MoH) ने हज 1447 AH के दौरान तीर्थयात्रियों के लिए मेडिकल सेवाओं का एक बड़ा जाल बिछाया है। अब तक 190 गंभीर सर्जिकल ऑपरेशन किए जा चुके हैं, जिनमें दिल के जटिल ऑपरेशन भी शामिल हैं। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि हज पर आए मेहमानों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें ताकि उनकी यात्रा सुरक्षित रहे।
हज यात्रियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा ब्यौरा
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, हज के शुरुआती दिनों से लेकर ज़ुल-हिज्जा की तीसरी तारीख तक कुल 1,82,700 से ज़्यादा स्वास्थ्य सेवाएं दी गई हैं। इसमें गंभीर बीमारियों के साथ-साथ सामान्य इलाज भी शामिल है। मंत्रालय के प्रवक्ता फैसल अल-खैरात ने बताया कि मेडिकल टीमों ने पूरी तत्परता से काम किया है।
| सेवा का प्रकार | संख्या |
|---|---|
| कुल सर्जिकल ऑपरेशन | 190 |
| कार्डियक कैथीटेराइजेशन (दिल का इलाज) | 135 |
| ओपन हार्ट सर्जरी | 7 |
| इमरजेंसी केस | 20,825 |
| अस्पताल में भर्ती | 2,887 |
| हेल्थ सेंटर और अर्जेंट केयर | 32,772 |
| आउट पेशेंट विजिट | 2,868 |
| हीट स्ट्रोक और लू के मामले | 12 |
| 937 कॉल सेंटर पर मिली शिकायतें | 12,627 |
परमिट और नियमों को लेकर सऊदी सरकार की सख्ती
इलाज के साथ-साथ सऊदी इंटीरियर मिनिस्ट्री ने नियमों का पालन करने पर बहुत जोर दिया है। इस साल “बिना परमिट हज नहीं” का नारा लागू किया गया है। मक्का में प्रवेश केवल उन्हीं लोगों को मिल रहा है जिनके पास वैध हज परमिट, मक्का रेजिडेंसी आईडी या काम का परमिट है। विजिट वीज़ा पर आए लोग हज नहीं कर सकते हैं।
- बिना परमिट हज करने वालों पर 20,000 रियाल तक का जुर्माना लग सकता है।
- नियम तोड़ने वालों को ले जाने वाले ट्रांसपोर्टरों पर 50,000 रियाल जुर्माना और छह महीने की जेल हो सकती है।
- हज सीजन में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए मेनिनजाइटिस (Meningitis) वैक्सीन लगवाना अनिवार्य है।
- इलाज के लिए तीर्थयात्रियों को अपना Nusuk Card और इंटरनेशनल पासपोर्ट दिखाना जरूरी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हज के दौरान इलाज के लिए क्या दस्तावेज़ ज़रूरी हैं?
स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए तीर्थयात्रियों के पास अपना आधिकारिक नुसुक कार्ड (Nusuk Card) और अंतरराष्ट्रीय पासपोर्ट होना अनिवार्य है।
बिना परमिट हज करने पर क्या सजा मिल सकती है?
विजिट वीज़ा पर हज करने की कोशिश करने वालों पर 20,000 रियाल का जुर्माना लग सकता है और उल्लंघन करने वालों को लाने वाले ट्रांसपोर्टरों को 50,000 रियाल जुर्माना और छह महीने की जेल हो सकती है।
