सऊदी अरब में हज 1447H के लिए नियमों को बहुत सख्त कर दिया गया है। शेख डॉ अब्दुल रहमान अल-सुदैस ने साफ कहा है कि बिना परमिट के हज करना अब मुमकिन नहीं होगा। यह फैसला हज यात्रियों की सुरक्षा और भीड़ को कंट्रोल करने के लिए लिया गया है। मक्का जाने वाले सभी लोगों को अब सरकारी अनुमति लेनी होगी।

मक्का जाने और परमिट लेने की जरूरी तारीखें क्या हैं?

सऊदी सरकार ने हज के दौरान मक्का में प्रवेश के लिए कुछ सख्त तारीखें तय की हैं। जो लोग उमराह वीज़ा पर आए हैं, उन्हें तय समय तक देश छोड़ना होगा। साथ ही Nusuk प्लेटफॉर्म से परमिट जारी करने पर भी रोक लगाई गई है।

तारीख नियम और निर्देश
13 अप्रैल 2026 मक्का जाने वाले निवासियों के लिए आधिकारिक परमिट अनिवार्य हुआ।
18 अप्रैल 2026 उमराह वीज़ा धारकों के लिए सऊदी अरब छोड़ने की आखिरी तारीख।
18 अप्रैल से 31 मई 2026 Nusuk प्लेटफॉर्म पर उमराह परमिट जारी करने की प्रक्रिया बंद रहेगी।
18 अप्रैल 2026 से हज वीज़ा के बिना मक्का में रुकना या वहां जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।

बिना परमिट मक्का जाने पर क्या होगा और आवेदन कैसे करें?

सऊदी इंटीरियर मिनिस्ट्री ने “बिना परमिट हज नहीं” का नारा दिया है। इसका मतलब है कि जिन लोगों के पास जरूरी कागजात नहीं होंगे, उन्हें सुरक्षा चौकियों से वापस भेज दिया जाएगा। मक्का में प्रवेश की अनुमति नहीं मिलेगी।

  • परमिट के तरीके: निवासी लोग Absher Individuals और Muqeem पोर्टल के जरिए Tasreeh प्लेटफॉर्म से परमिट ले सकते हैं।
  • छूट किसे मिलेगी: मक्का के आईडी कार्ड वाले लोगों और वर्क परमिट रखने वालों को कुछ नियमों में छूट मिलेगी।
  • सख्ती: सुरक्षा बल चेकपोस्ट पर परमिट की जांच करेंगे और बिना परमिट वालों को मक्का में घुसने नहीं देंगे।

शेख अल-सुदैस ने हज यात्रियों को क्या सलाह दी है?

ग्रैंड मस्जिद के धार्मिक मामलों के अध्यक्ष शेख डॉ अब्दुल रहमान अल-सुदैस ने बताया कि परमिट लेना केवल सरकारी नियम नहीं बल्कि एक शरीयत जरूरत है। इससे लोगों की जान बचती है और भगदड़ जैसी स्थिति नहीं बनती।

उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे हज के दौरान मोबाइल फोन और फोटोग्राफी में समय बर्बाद न करें। भीड़भाड़ से बचने के लिए धैर्य रखें और सुरक्षा कर्मियों के साथ पूरा सहयोग करें ताकि हज की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके।