Saudi Hajj 2026: सऊदी सरकार ने हज के लिए लागू किए नए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम, बिना परमिट जाने वालों पर लगेगा भारी जुर्माना
हज 2026 के लिए सऊदी अरब ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इस बार जायरीन की भीड़ को संभालने और उनके आने-जाने को आसान बनाने के लिए नए इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम लागू किए गए हैं। ये सिस्टम खास तौर पर कैंपों में एंट्री और एग्जिट को कंट्रोल करने के लिए बनाए गए हैं ताकि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और सफर सुरक्षित रहे।
हज 2026 में कौन से नए डिजिटल बदलाव हुए हैं?
हज और उमराह मंत्री Tawfiq Al Rabiah ने बताया कि अब कैंपों में आने-जाने के लिए नए डिजिटल सिस्टम का इस्तेमाल होगा। इसमें साफ संकेत बोर्ड लगाए गए हैं जो समय और निर्देशों की जानकारी देंगे। इसके अलावा Dr. Abdul Rahman Al-Sudais ने जानकारी दी कि इस बार AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे 60 से ज्यादा भाषाओं में सेवाएं मिलेंगी और मस्जिद-अल-हरम में तवाफ और सई के दौरान भीड़ की निगरानी की जाएगी। धार्मिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए 150 से ज्यादा खास पहल शुरू की गई हैं।
बिना परमिट हज करने वालों के लिए क्या नियम हैं?
सऊदी सरकार ने बहुत सख्त नियम बनाए हैं। केवल वही लोग मक्का और अन्य पवित्र स्थलों पर जा सकेंगे जिनके पास वैध हज परमिट होगा। विजिट वीजा पर हज करना पूरी तरह मना है। अगर कोई बिना परमिट के हज करता या किसी और की मदद करता पकड़ा गया, तो उसे 1 लाख रियाल (करीब 22 लाख रुपये) का जुर्माना देना होगा। साथ ही ऐसे व्यक्ति को तुरंत डिपोर्ट कर दिया जाएगा और 10 साल तक सऊदी अरब आने पर रोक लगा दी जाएगी।
हज 2026 की तारीखें और भारतीय जायरीन का अपडेट
- हज की तारीख: इस साल हज 24 मई से 29 मई 2026 के बीच होने की उम्मीद है।
- जायरीन का आगमन: अंतरराष्ट्रीय जायरीन 18 अप्रैल से 21 मई 2026 के बीच पहुंचेंगे।
- भारतीय जायरीन: भारत से जायरीन का पहला जत्था 18 अप्रैल 2026 को रवाना हो चुका है।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म: वीजा आवेदन और अन्य सेवाओं के लिए Nusuk प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है।