सऊदी अरब में हज 2026 की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। नगर पालिका और आवास मंत्री Majed Al-Hogail ने बताया कि तीर्थयात्रियों की सेवा के लिए 22,000 से ज्यादा कर्मचारियों को मैदान में उतारा गया है। सरकार का मकसद हज यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाना है ताकि आने वाले लाखों लोगों को कोई परेशानी न हो।
हज यात्रियों के लिए क्या खास इंतजाम किए गए हैं
Minister Majed Al-Hogail ने बताया कि मंत्रालय ने चार मुख्य बातों पर ध्यान दिया है। इसके तहत तीर्थयात्रियों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए सड़कों, पुलों और सुरंगों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया गया है। साफ-सफाई के लिए 88,000 से ज्यादा सफाई यूनिट और 3,000 गाड़ियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा, खाने-पीने की चीजों और इमारतों की जांच रोजाना की जाएगी और किसी भी समस्या के तुरंत समाधान के लिए 66 सर्विस सेंटर बनाए गए हैं।
बिना परमिट हज करने वालों के लिए क्या हैं नियम और जुर्माना
सऊदी सरकार ने इस बार नियमों को बहुत सख्त कर दिया है। सिर्फ वही लोग मक्का और पवित्र स्थलों में जा सकेंगे जिनके पास कानूनी हज परमिट होगा। सभी तीर्थयात्रियों के लिए Nusuk Card रखना अनिवार्य है, इसके बिना सेवाओं का लाभ नहीं मिलेगा। नियमों का पालन न करने वालों के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं:
- बिना परमिट हज करने की कोशिश करने पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगेगा।
- विदेशी निवासियों को जुर्माना भरने के साथ देश से निकाला जाएगा और 10 साल तक सऊदी अरब आने की मनाही होगी।
- जो लोग या एजेंसियां बिना परमिट हज कराने में मदद करेंगी, उन पर 1,00,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है।
सरकार ने यह भी साफ किया है कि टूरिस्ट या विजिट वीजा पर हज या हज बदल करना पूरी तरह मना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
हज 2026 के लिए मक्का में प्रवेश का नियम क्या है
सिर्फ वही लोग मक्का और पवित्र स्थलों में प्रवेश कर सकेंगे जिनके पास कानूनी हज परमिट होगा। यह नियम धुल किदाह के पहले दिन से धुल हिज्जा की 14 तारीख तक लागू रहेगा।
बिना परमिट हज करने पर कितना जुर्माना लग सकता है
बिना परमिट हज करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगेगा। विदेशी प्रवासियों को जुर्माना भरने के बाद डिपोर्ट किया जाएगा और उन पर 10 साल का बैन लगेगा।
