सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय ने हज 2026 के लिए बेहद सख्त नियम जारी किए हैं। सरकार ने ‘अल्लाह के मेहमानों’ को चेतावनी दी है कि वे रास्तों पर सोने, बैठने या भीख मांगने जैसी गतिविधियों से बचें। इन नियमों का पालन न करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भीड़ को सही तरीके से संभाला जा सके और सुरक्षा बनी रहे।

रास्तों पर किन कामों की मनाही है?

सऊदी आंतरिक मंत्रालय ने साफ़ तौर पर कहा है कि पैदल चलने वालों के लिए बनाए गए रास्तों और कारों के पास बैठने, सोने या भीख मांगने की इजाज़त नहीं होगी। इसके अलावा, सड़कों पर सामान की अवैध बिक्री (random selling) पर भी पूरी तरह रोक लगाई गई है। हज और उमराह मंत्रालय ने बताया कि गलियारों और रास्तों में लेटने से आपातकालीन सेवाओं में बाधा आती है और भीड़ बढ़ने का खतरा रहता है, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

बिना परमिट हज करने पर कितना जुर्माना लगेगा?

सऊदी सरकार ने ‘बिना परमिट हज नहीं’ अभियान के तहत सख्त नियम लागू किए हैं। अब केवल आधिकारिक हज परमिट और वीज़ा ही मान्य होंगे। टूरिस्ट या उमराह वीज़ा का इस्तेमाल हज के लिए नहीं किया जा सकेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए निम्नलिखित जुर्माने तय किए गए हैं:

  • बिना परमिट हज करने पर: 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है।
  • गंभीर उल्लंघन के मामलों में: 100,000 सऊदी रियाल जुर्माना, देश से निर्वासन (deportation) और 10 साल तक सऊदी अरब में दोबारा प्रवेश पर रोक लगाई जा सकती है।
  • मदद करने वालों पर एक्शन: जो लोग या संस्थाएं बिना परमिट वाले यात्रियों को परिवहन या ठहरने में मदद करेंगे, उनके वाहनों को ज़ब्त किया जा सकता है।

ये नियम कब से और कहाँ लागू रहेंगे?

मक्का और पवित्र स्थलों (Al-Mashaer Al-Muqaddasa) में प्रवेश के लिए ये पाबंदियां ज़ुल-क़दा की पहली तारीख से शुरू होकर ज़ुल-हिज्जा की 14 तारीख तक लागू रहेंगी। हज 2026 का आयोजन 25 मई से 30 मई 2026 के बीच होना तय हुआ है। सरकार ने सभी तीर्थयात्रियों और प्रवासियों को सलाह दी है कि वे कानूनी पचड़ों से बचने के लिए आधिकारिक नियमों का पूरी तरह पालन करें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या उमराह वीज़ा पर हज किया जा सकता है?

नहीं, सऊदी सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल आधिकारिक हज परमिट ही मान्य होंगे। टूरिस्ट या उमराह वीज़ा का उपयोग हज के लिए करना गैरकानूनी माना जाएगा।

बिना परमिट पाए जाने पर अधिकतम कितना जुर्माना देना होगा?

बिना परमिट हज करने वालों पर 20,000 रियाल तक का जुर्माना लग सकता है, जबकि गंभीर उल्लंघन के मामलों में यह राशि 1 लाख रियाल तक जा सकती है और साथ ही निर्वासन की कार्रवाई भी हो सकती है।