सऊदी अरब में हज के नियमों को लेकर सख्ती बढ़ गई है। हाल ही में सुरक्षा बलों ने बिना परमिट के मक्का में घुसने की कोशिश कर रहे 5 लोगों को पकड़ लिया है। इनमें एक सऊदी नागरिक और चार विदेशी प्रवासी शामिल थे जो रेगिस्तानी रास्ते से चोरी-छिपे अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे।

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बिना हज परमिट के मक्का जाने पर क्या सजा होगी?

सऊदी इंटीरियर मिनिस्ट्री ने साफ कर दिया है कि किसी भी तरह का विजिट वीजा हज करने की अनुमति नहीं देता है। हज के लिए केवल Nusuk प्लेटफॉर्म के जरिए आधिकारिक परमिट लेना ही एकमात्र तरीका है। नियम तोड़ने वालों के लिए कड़े प्रावधान हैं:

  • बार-बार गलती करने वालों पर 10,000 से 100,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है।
  • विदेशी प्रवासियों को जेल की सजा हो सकती है और उन्हें देश से डिपोर्ट किया जा सकता है।
  • डिपोर्ट होने वाले प्रवासियों पर 10 साल तक सऊदी अरब में दोबारा आने की रोक लग सकती है।

अवैध हज कराने वालों और मदद करने वालों का क्या होगा?

सुरक्षा बल उन लोगों पर भी कड़ी नजर रख रहे हैं जो बिना परमिट वाले लोगों को मक्का ले जाने या उन्हें छिपाकर रखने में मदद करते हैं। ऐसे लोगों के लिए ये सजा तय की गई है:

  • मदद करने वालों को 6 महीने से लेकर 15 साल तक की जेल हो सकती है।
  • जुर्माना 50,000 सऊदी रियाल से लेकर 10 लाख रियाल तक हो सकता है।
  • अपराध में इस्तेमाल की गई गाड़ियां या संपत्तियां सरकार जब्त कर सकती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या विजिट वीजा पर हज कर सकते हैं?

नहीं, मंत्रालय के अनुसार किसी भी तरह का विजिट वीजा हज करने की अनुमति नहीं देता। इसके लिए नुसुक (Nusuk) प्लेटफॉर्म से आधिकारिक परमिट लेना जरूरी है।

अवैध रूप से हज करने पर प्रवासियों को क्या सजा मिल सकती है?

प्रवासियों को जेल हो सकती है, भारी जुर्माना देना पड़ सकता है और उन्हें देश से डिपोर्ट किया जा सकता है। डिपोर्ट होने के बाद 10 साल तक सऊदी आने पर रोक लग सकती है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.