सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने हज नियमों को लेकर बहुत सख्त फैसला लिया है। अब बिना परमिट के हज करने की कोशिश करने वाले प्रवासियों और अवैध रूप से रहने वालों को उनके देश वापस भेज दिया जाएगा। साथ ही, उन्हें अगले 10 साल तक सऊदी अरब में आने की अनुमति नहीं मिलेगी। यह नियम सभी प्रवासियों और विजिट वीज़ा धारकों पर लागू होगा।

बिना परमिट हज करने पर क्या जुर्माना और सजा मिलेगी?

सरकार ने साफ कर दिया है कि हज के लिए कानूनी परमिट होना अनिवार्य है। विजिट वीज़ा पर आए लोग हज नहीं कर सकेंगे। अगर कोई बिना परमिट के मक्का या पवित्र स्थलों पर पाया गया, तो उस पर भारी जुर्माना लगेगा। साथ ही, जो लोग दूसरों को बिना परमिट हज कराने में मदद करेंगे, उन्हें भी नहीं बख्शा जाएगा।

नियम और जुर्माना विवरण
बिना परमिट हज करने पर 20,000 सऊदी रियाल तक जुर्माना
बिना परमिट हज कराने में मदद करने पर 1,00,000 सऊदी रियाल तक जुर्माना
देश से निर्वासन डिपोर्टेशन और 10 साल तक एंट्री बैन
मक्का प्रवेश प्रतिबंध 13 अप्रैल 2026 से केवल परमिट धारकों को अनुमति
उमराह वीज़ा प्रस्थान तिथि 18 अप्रैल 2026 तक देश छोड़ना होगा
जुर्माने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 तक नियम लागू रहेंगे
शिकायत नंबर मक्का, मदीना, रियाद में 911 और अन्य जगह 999

हज नियमों से जुड़ी अन्य ज़रूरी बातें क्या हैं?

इस बार सरकार ने “बिना परमिट हज नहीं” का नारा दिया है। अब वीज़ा जारी करने से पहले एक नया स्वास्थ्य फिटनेस सिस्टम लागू किया गया है, जिसमें मेडिकल जांच के बाद ही अनुमति मिलेगी। जो लोग मेडिकल टेस्ट में फिट नहीं पाए जाएंगे, उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं होगी।

इसके अलावा, हज यात्रियों के लिए मुज़दलिफ़ा से मक्का तक पैदल चलना मना किया गया है। मक्का के होटलों और आवास प्रदाताओं को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना परमिट वाले किसी भी व्यक्ति को शरण न दें। जिन लोगों पर जुर्माना लगाया जाएगा, वे 30 दिनों के भीतर इसकी अपील कर सकते हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.