सऊदी अरब में हज की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बहुत ज़रूरी खबर है. काउंसिल ऑफ सीनियर स्कॉलर्स ने साफ़ कह दिया है कि बिना परमिट के हज करना गलत है. अगर कोई ऐसा करता है तो उसे गुनाहगार माना जाएगा. सरकार ने इसके लिए कड़े नियम बनाए हैं ताकि भीड़ को संभाला जा सके और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो.
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बिना परमिट हज करना क्यों मना है और इसका क्या असर होगा?
काउंसिल ऑफ सीनियर स्कॉलर्स ने बताया कि बिना परमिट के हज पर जाना जायज़ नहीं है. ऐसा करने वाले व्यक्ति को गुनाहगार माना जाएगा क्योंकि यह शासक (ولي الأمر) के आदेश का उल्लंघन है. ये नियम आम जनता की भलाई, सुरक्षा और बेहतर सेवाओं के लिए बनाए गए हैं. जिन लोगों को परमिट नहीं मिल पाता, उन्हें इस्लाम के नियमों के अनुसार ‘असमर्थ’ माना जाएगा, इसलिए उन पर हज का फर्ज़ उस समय लागू नहीं होगा.
नियम तोड़ने वालों पर क्या कार्रवाई होगी?
मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि जो लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे:
- भारी जुर्माना: बिना परमिट हज करने वालों पर आर्थिक दंड लगाया जाएगा.
- जेल और डिपोर्ट: नियमों का पालन न करने वालों को जेल हो सकती है और प्रवासियों (Expats) को देश से बाहर निकाला (Deport) जा सकता है.
- एंट्री बैन: बार-बार गलती करने वालों के सऊदी अरब आने पर पाबंदी लग सकती है.
- गाड़ियों की ज़ब्ती: उन गाड़ियों को भी ज़ब्त किया जा सकता है जो बिना परमिट वाले हज यात्रियों को ले जा रही होंगी.
मक्का जाने और उमराह पर क्या पाबंदी है?
सरकार ने 18 अप्रैल 2026 से 31 मई 2026 तक बिना वैध हज परमिट के मक्का में प्रवेश पर रोक लगा दी है. इसी दौरान ‘नुसुक’ (Nusuk) प्लेटफॉर्म के ज़रिए उमराह परमिट जारी करने का काम भी रोक दिया गया है. सभी जायरीन के लिए ‘नुसुक’ डिजिटल कार्ड होना अनिवार्य है. ये सभी कदम इसलिए उठाए गए हैं ताकि भीड़भाड़ और स्वास्थ्य जोखिमों को कम किया जा सके.
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या बिना परमिट हज करना धार्मिक रूप से गलत है?
हाँ, काउंसिल ऑफ सीनियर स्कॉलर्स के मुताबिक बिना परमिट हज पर जाना जायज़ नहीं है और ऐसा करने वाला व्यक्ति गुनाहगार माना जाएगा क्योंकि यह सरकार के आदेश के खिलाफ है.
प्रवासियों (Expats) के लिए क्या खतरा है?
बिना परमिट हज करने वाले प्रवासियों पर भारी जुर्माना लग सकता है, उन्हें जेल हो सकती है और सऊदी अरब से डिपोर्ट भी किया जा सकता है.