Saudi Hajj Rules: बिना परमिट हज करने वालों की खैर नहीं, सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर, लगेगा भारी जुर्माना

सऊदी अरब सरकार ने हज सीजन 2026 के लिए नियमों को बहुत सख्त कर दिया है। आंतरिक मंत्रालय ने साफ कहा है कि बिना परमिट के हज करना पूरी तरह मना है और ऐसा करने वालों की रिपोर्ट अब सीधे हेल्पलाइन नंबर पर की जा सकती है। यह कदम भीड़ को कंट्रोल करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है ताकि प्रवासियों और जायरीन को कोई परेशानी न हो।

शिकायत के लिए किन नंबरों पर फोन करें?

सऊदी आंतरिक मंत्रालय ने आम जनता से अपील की है कि अगर वे किसी को बिना परमिट के हज करते हुए या नियमों का उल्लंघन करते हुए देखें, तो इसकी जानकारी तुरंत दें। मक्का, मदीना, रियाद और पूर्वी प्रांत (Eastern Province) में रहने वाले लोग 911 नंबर पर कॉल कर सकते हैं। वहीं, सऊदी अरब के बाकी सभी इलाकों के लिए 999 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।

नियम तोड़ने पर कितना जुर्माना और क्या होगी सजा?

बिना परमिट के हज करने की कोशिश करने वालों और नियमों को ताक पर रखने वालों के लिए सरकार ने भारी जुर्माने का ऐलान किया है। प्रवासियों के लिए यह खबर काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि उल्लंघन करने पर न केवल पैसा देना होगा, बल्कि देश छोड़ना भी पड़ सकता है।

उल्लंघन का प्रकार जुर्माना या सजा
बिना परमिट हज करना या कोशिश करना 20,000 रियाल तक जुर्माना
विजिट वीजा पर हज कराने के लिए आवेदन करना 1,00,000 रियाल तक जुर्माना
नियम तोड़ने वालों को ट्रांसपोर्ट या आश्रय देना 1,00,000 रियाल जुर्माना और गाड़ी ज़ब्त
नियम तोड़ने वाले निवासी (Residents) डिपोर्ट और 10 साल का सऊदी बैन
उमराह परमिट (Nusuk) की स्थिति 18 अप्रैल से 31 मई 2026 तक बंद
मक्का प्रवेश के लिए परमिट 13 अप्रैल 2026 से अनिवार्य

उमराह और मक्का में प्रवेश के नए नियम क्या हैं?

18 अप्रैल 2026 से मक्का में प्रवेश के लिए आधिकारिक परमिट होना जरूरी है। नुसुक (Nusuk) प्लेटफॉर्म पर उमराह परमिट जारी करने का काम 31 मई 2026 तक के लिए रोक दिया गया है। विजिट वीजा वाले लोग बिना हज वीजा के मक्का या पवित्र स्थलों जैसे मीना, अराफात और मुजदलिफा में नहीं रुक सकते। मक्का के आईडी कार्ड वाले लोग या जिनके पास Absher और Muqeem पोर्टल से वर्क परमिट है, उन्हें ही छूट दी गई है।