Saudi Hajj Rules: बिना परमिट हज की कोशिश पड़ी भारी, एक मिस्र निवासी गिरफ्तार, अब देना होगा 1 लाख तक का जुर्माना

सऊदी अरब में हज 2026 के नियमों को लेकर सरकार बहुत सख्त हो गई है। हाल ही में हज सिक्योरिटी फोर्सेस ने एक मिस्र के निवासी को गिरफ्तार किया है, जो एक विजिटर को अवैध तरीके से मक्का ले जाने की कोशिश कर रहा था। यह कार्रवाई उन सभी प्रवासियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो बिना आधिकारिक परमिट के हज करने की योजना बना रहे हैं।

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बिना परमिट मक्का जाने वालों के लिए क्या हैं नियम?

सऊदी सरकार ने साफ कर दिया है कि हज के लिए आधिकारिक परमिट होना अनिवार्य है। 18 अप्रैल से 31 मई 2026 तक मक्का और पवित्र स्थलों जैसे मीना, अराफात और मुजदलिफा में बिना परमिट जाना पूरी तरह मना है। किसी भी तरह का विजिट वीज़ा हज करने या इन इलाकों में घुसने के लिए मान्य नहीं होगा। इसी वजह से Ministry of Hajj and Umrah ने 18 अप्रैल से 31 मई तक Nusuk प्लेटफॉर्म पर उमराह परमिट जारी करना भी बंद कर दिया है।

नियम तोड़ने पर कितना जुर्माना और क्या होगी सजा?

हज नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब भारी जुर्माना लगाया जाएगा। बिना परमिट हज करने या मक्का में रुकने वालों को 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। वहीं, अगर कोई व्यक्ति दूसरों को अवैध रूप से transporting या शरण देने में मदद करता है, तो उस पर प्रति व्यक्ति 1 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा, अवैध रूप से हज की कोशिश करने वाले प्रवासियों को डिपोर्ट किया जाएगा और उन पर 10 साल तक सऊदी अरब आने की पाबंदी रहेगी। नियमों को तोड़ने में इस्तेमाल की गई गाड़ियों को भी जब्त किया जा सकता है।