सऊदी अरब के इस्लामिक अफेयर्स मंत्रालय ने हज यात्रियों की सुविधा के लिए एक बड़ा इंतज़ाम किया है। कस्टोडियन हज प्रोग्राम के मेहमानों के लिए ग्रैंड मस्जिद तक जाने के लिए रोज़ाना 50 से ज़्यादा शटल बसें चलाई जा रही हैं। इस कदम से ज़ायरीन को अपनी इबादत और रस्में बिना किसी परेशानी के पूरी करने में मदद मिलेगी।
हज यात्रियों के लिए क्या खास इंतज़ाम किए गए हैं?
मंत्रालय ने जानकारी दी है कि यह शटल सेवा उन मेहमानों के लिए शुरू की गई है जो ‘Custodian of the Two Holy Mosques’ गेस्ट प्रोग्राम का हिस्सा हैं। 20 मई 2026 को इस प्रोग्राम के तहत आने वाले तीर्थयात्रियों के दूसरे ग्रुप का स्वागत भी किया गया। शेख डॉ. अब्दुल्लातीफ अल अलशेख की देखरेख में चलने वाले इस प्रोग्राम में यात्रियों को केवल ट्रांसपोर्ट ही नहीं, बल्कि प्रीमियम हाउसिंग, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं और सांस्कृतिक प्रोग्राम भी दिए जा रहे हैं।
हज परमिट और एंट्री नियमों का क्या है अपडेट?
सऊदी सरकार ने इस साल हज के लिए बहुत सख्त नियम लागू किए हैं। 13 अप्रैल 2026 से ‘बिना परमिट हज नहीं’ का अभियान चलाया जा रहा है। मक्का शहर में एंट्री के लिए आपके पास इनमें से कोई एक दस्तावेज़ होना ज़रूरी है:
- वैध हज परमिट (Valid Hajj Permit)
- मक्का का रेजिडेंसी आईडी या इकामा (Makkah Residency ID)
- पवित्र स्थलों के लिए वर्क परमिट (Work Permit)
Ministry of Interior मक्का के सभी एंट्री पॉइंट्स पर कड़ी चेकिंग कर रही है ताकि नियमों का पालन हो सके और फर्जी हज कैंपेन को रोका जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ग्रैंड मस्जिद के लिए कितनी शटल बसें चलाई जा रही हैं?
इस्लामिक अफेयर्स मंत्रालय ने कस्टोडियन हज प्रोग्राम के मेहमानों के लिए रोज़ाना 50 से ज़्यादा शटल बसें चलाने का इंतज़ाम किया है।
क्या बिना परमिट के मक्का में एंट्री मिल सकती है?
नहीं, 13 अप्रैल 2026 से नियम लागू हैं कि बिना वैध हज परमिट, मक्का इकामा या वर्क परमिट के मक्का में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
