हज और उमराह पर जाने वाले यात्रियों के लिए सऊदी अरब की सरकार ने एक बड़ी सुविधा शुरू की है। अब यात्री किसी भी समस्या या जानकारी के लिए यूनिफाइड नंबर 1966 पर फोन कर सकते हैं। यह सेवा 24 घंटे चालू रहती है और इसमें 11 अलग-अलग भाषाओं में मदद दी जा रही है ताकि दुनिया भर से आने वाले लोग आसानी से बात कर सकें।

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नंबर 1966 का क्या फायदा है और यह कैसे काम करता है?

यह हेल्पलाइन नंबर ‘पिलग्रिम्स केयर सेंटर’ के तौर पर काम करता है। यहाँ ट्रेंड स्टाफ तैनात है जो यात्रियों के सवालों के जवाब देता है और उनकी शिकायतों को सुनता है। अगर किसी यात्री को सर्विस से जुड़ी कोई समस्या है या वह कोई जानकारी चाहता है, तो वह इस नंबर पर कॉल करके रिपोर्ट कर सकता है। सरकार ने इसे आधुनिक तकनीक से जोड़ा है ताकि कॉल जल्दी रिसीव हो और यात्रियों को सही जानकारी मिल सके।

हज यात्रियों के लिए अन्य जरूरी नियम और संपर्क माध्यम

सऊदी हज और उमरा मंत्रालय ने साफ कहा है कि सभी यात्री केवल आधिकारिक रास्तों जैसे नुसुक (Nusuk) ऐप या वेबसाइट से ही परमिट लें। इसके अलावा कुछ और जरूरी बातें हैं जिनका ध्यान रखना जरूरी है:

  • घोटालेबाज़ हज कैंप और बिना लाइसेंस वाले ऑफिसों से पूरी तरह सावधान रहें।
  • बिना परमिट के हज करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लग सकता है।
  • नियम तोड़ने वाले प्रवासियों को डिपोर्ट किया जा सकता है और उन पर 10 साल तक सऊदी आने पर रोक लग सकती है।
  • मदद के लिए 920002814 नंबर, ईमेल care@haj.gov.sa और नुसुक ऐप का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

नंबर 1966 पर कितनी भाषाओं में बात कर सकते हैं?

इस हेल्पलाइन पर कुल 11 भाषाओं में सहायता उपलब्ध है, ताकि अलग-अलग देशों से आने वाले यात्री अपनी भाषा में आसानी से मदद ले सकें।

बिना परमिट के हज करने पर क्या जुर्माना है?

बिना परमिट के हज करने वालों पर 20,000 सऊदी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और प्रवासियों को देश से बाहर निकाला जा सकता है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.