सऊदी अरब में हज यात्रा की तैयारियां ज़ोरों पर हैं, लेकिन इस बीच मौसम को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। नेशनल सेंटर ऑफ मीटियोरोलॉजी (NCM) के अनुसार, यौम-ए-तरविया यानी हज के पहले दिन मिना में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इस भीषण गर्मी और बदलते मौसम पर नज़र रखने के लिए सऊदी मौसम विभाग ने मिना में विशेष कंट्रोल रूम और 8 निगरानी स्टेशन सक्रिय कर दिए हैं ताकि हाजियों को किसी भी परेशानी से बचाया जा सके।

भीषण गर्मी से निपटने के लिए क्या हैं सऊदी सरकार की तैयारियां?

नेशनल सेंटर ऑफ मीटियोरोलॉजी (NCM) ने मिना में मौसम की सटीक जानकारी देने के लिए एक आधुनिक सिस्टम तैयार किया है। इस सिस्टम के तहत चौबीसों घंटे मौसम पर पैनी नज़र रखी जाएगी ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।

  • 8 मॉनिटरिंग स्टेशन: मिना में मौसम की निगरानी के लिए कुल आठ स्टेशन काम कर रहे हैं, जिनमें एक मैन्युअल स्टेशन, एक ऑटोमैटिक स्टेशन और चार मोबाइल ऑटोमैटिक स्टेशन शामिल हैं।
  • घंटे-घंटे का अपडेट: मौसम विभाग हर घंटे मौसम की जानकारी अपडेट करेगा। यौम-ए-तरविया के दिन 24 मौसम बुलेटिन और 8 सिनॉप्टिक बुलेटिन जारी किए जाएंगे।
  • अर्ली वार्निंग अलर्ट: अगर मौसम में कोई अचानक बदलाव या खराबी आती है, तो तुरंत ऑटोमैटिक अर्ली वार्निंग सिस्टम के ज़रिए चेतावनी जारी की जाएगी।

विदेशी हाजियों के लिए 5 भाषाओं में दी जाएगी मौसम की जानकारी

सऊदी अरब में भारत सहित दुनिया भर से लाखों लोग हज के लिए पहुंचते हैं। भाषा की समस्या को दूर करने के लिए सऊदी सरकार ने इस बार खास इंतज़ाम किए हैं।

मौसम विभाग ने तीर्थयात्रियों और वहां तैनात फील्ड स्टाफ को जागरूक करने के लिए 5 अलग-अलग भाषाओं में जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसके ज़रिए हाजियों को भीषण गर्मी और धूप से बचने के उपायों के बारे में उनकी अपनी भाषा में जानकारी दी जाएगी ताकि वे सुरक्षित रहकर अपनी इबादत पूरी कर सकें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यौम-ए-तरविया (Day of Tarwiyah) के दिन मिना में कितना तापमान रहने की उम्मीद है?

सऊदी मौसम विभाग (NCM) के अनुसार, हज के पहले दिन यानी यौम-ए-तरविया को मिना में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

मौसम की जानकारी हाजियों तक कैसे पहुंचाई जाएगी?

मौसम विभाग हर घंटे मौसम का अपडेट देगा। इसके अलावा, 5 अलग-अलग भाषाओं में जागरूकता संदेशों और ऑटोमैटिक अर्ली वार्निंग सिस्टम के ज़रिए हाजियों को तुरंत अलर्ट भेजा जाएगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.