सऊदी अरब जाने वाले और वहां रहने वाले डायबिटीज के मरीजों के लिए एक जरूरी खबर है. सऊदी हेल्थ काउंसिल ने रमजान, हज और उमराह के दौरान सेहत का ख्याल रखने के लिए एक नई गाइडलाइन जारी की है. अगर आप या आपका कोई करीबी इस बीमारी से जूझ रहा है, तो ये नियम और सावधानियां जानना आपके लिए बहुत जरूरी है ताकि यात्रा के दौरान कोई परेशानी न हो.

हज और उमराह के दौरान डायबिटीज मरीजों के लिए जरूरी नियम

  • मेडिकल जांच: हज या उमराह पर जाने से पहले डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है कि क्या आप यात्रा के लिए फिट हैं.
  • पहचान पत्र: मरीजों को अपनी बीमारी और इलाज की जानकारी वाला एक आईडी कार्ड या रिस्टबैंड पहनना चाहिए ताकि इमरजेंसी में मदद मिल सके.
  • दवाइयां और इंसुलिन: पर्याप्त मात्रा में दवाइयां साथ रखें और इंसुलिन को ठंडा रखने का सही इंतजाम करें.
  • ब्लड शुगर की निगरानी: शुगर लेवल की रोज जांच करें, लेकिन ध्यान रखें कि तेज गर्मी और नमी से जांच मशीन पर असर पड़ सकता है.
  • पैरों की देखभाल: आरामदायक जूते और मोजे पहनें और पैरों की रोज सफाई और जांच करें.
  • खान-पान: नियमित अंतराल पर भोजन और स्नैक्स लें. शुगर वाली चीजों से बचें और दवा लेने के बाद ही इबादत शुरू करें.

रमजान के दौरान सेहत का ख्याल कैसे रखें

सऊदी अधिकारियों ने बताया है कि डायबिटीज के मरीजों को रमजान शुरू होने से 6 से 8 हफ्ते पहले हेल्थकेयर प्रोवाइडर से मिलना चाहिए. इस दौरान ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर और लिपिड्स की जांच करानी चाहिए. डॉक्टर की सलाह पर ही डाइट प्लान और दवाइयों के समय में बदलाव करना चाहिए.

रोजा रखने वाले मरीजों को हाइपोग्लाइसीमिया (शुगर कम होना), हाइपरग्लाइसीमिया (शुगर बढ़ना) और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं का खतरा रहता है. शरीर में पानी की कमी न होने दें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं.

स्वास्थ्य मंत्रालय और अन्य संस्थाओं की पहल

स्वास्थ्य मंत्रालय (MOH) और पब्लिक हेल्थ अथॉरिटी (Weqaya) ने हज 1447 AH के लिए आठ भाषाओं में एक गाइड जारी की है. इसमें गर्मी से बचाव, सांस की बीमारियों को रोकने और प्राथमिक उपचार की जानकारी दी गई है. इसके अलावा, सऊदी अरब ने डायबिटीज की जल्दी पहचान के लिए एक रोकथाम रणनीति भी लागू की है, ताकि टाइप 1, टाइप 2 और जेस्टेशनल डायबिटीज को सही समय पर मैनेज किया जा सके.

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या डायबिटीज के मरीज हज या उमराह कर सकते हैं

हाँ, लेकिन इसके लिए पहले मेडिकल जांच कराना जरूरी है. डॉक्टर की मंजूरी के बाद ही यात्रा करें और अपनी बीमारी की जानकारी वाला आईडी कार्ड साथ रखें.

रमजान से कितने दिन पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए

गाइडलाइन के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों को रमजान शुरू होने से 6 से 8 हफ्ते पहले डॉक्टर से मिलकर अपनी सेहत की जांच और दवाइयों का एडजस्टमेंट कराना चाहिए.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com