सऊदी अरब में हज 1447H की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। हेल्थ मिनिस्टर फहाद बिन अब्दुलरहमन अल-जलाजेल ने मक्का के कई बड़े अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों का दौरा किया ताकि यह देखा जा सके कि वहां सब कुछ तैयार है या नहीं। यह कदम दुनिया भर से आने वाले जायरीन, खासकर भारतीय और अन्य प्रवासियों की सेहत और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

मक्का के अस्पतालों में क्या तैयारियां की गई हैं?

हेल्थ मिनिस्टर ने अपने दो दिनों के दौरे के दौरान अज्याद, जिआर, किंग फैसल, मक्का जनरल और किंग अब्दुल्ला मेडिकल सिटी जैसे प्रमुख अस्पतालों का मुआयना किया। सरकार का लक्ष्य है कि इलाज, एम्बुलेंस और इमरजेंसी सेवाएं एक साथ मिलकर काम करें ताकि मरीजों को तुरंत मदद मिले। इसके लिए नए मेडिकल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है जिससे भीड़ के बीच भी जायरीन की सेहत पर नजर रखी जा सके और आपातकालीन स्थिति में तेजी से कार्रवाई हो।

हज यात्रियों के लिए कौन से टीके और नियम जरूरी हैं?

हज 1447H के लिए मेनिंगोकोकल (meningococcal) टीका लगवाना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन लोगों ने पिछले 5 साल में यह डोज नहीं लिया है, उन्हें इसे जरूर लगवाना होगा। इसके अलावा, सितंबर 2025 के बाद फ्लू वैक्सीन और जनवरी 2025 के बाद कोविड-19 वैक्सीन लगवाने की सलाह दी गई है। अब हज वीज़ा के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से फिट होना जरूरी है और इसका मेडिकल सर्टिफिकेट अब इलेक्ट्रॉनिक तरीके से वीज़ा अप्रूवल से जुड़ा होगा।

भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए क्या बदलाव हुए हैं?

सऊदी हज और उमराह मंत्रालय ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब जायरीन की आवाजाही पर नजर रखने और इमरजेंसी रिस्पॉन्स को बेहतर बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्मार्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा, कतर के स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी अपने नागरिकों के लिए इसी तरह के टीकाकरण नियम जारी किए हैं, जिन्हें यात्रा से कम से कम 10 दिन पहले पूरा करना होगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.