सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय ने हज 2026 के यात्रियों के लिए एक बेहद जरूरी और सख्त चेतावनी जारी की है। अराफात के दिन अत्यधिक गर्मी और लू की चपेट में आने से बचने के लिए तीर्थयात्रियों को सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 4 बजे तक अपने कैंपों के अंदर ही रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने इस दौरान तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की आशंका जताई है, जिसके कारण यह सुरक्षात्मक फैसला लिया गया है।

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भीषण गर्मी को लेकर क्या हैं स्वास्थ्य मंत्रालय के नए निर्देश?

सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय ने हज यात्रियों से अपील की है कि वे दिन के सबसे गर्म घंटों में पवित्र स्थलों के बीच पैदल चलने से पूरी तरह बचें। मंत्रालय ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कुछ बेहद जरूरी सावधानियां बरतने को कहा है:

  • तीर्थयात्री हर समय अपने पास छतरी का इस्तेमाल जरूर करें, क्योंकि यह आसपास के तापमान को लगभग 10 डिग्री सेल्सियस तक कम कर सकती है।
  • शरीर में पानी की कमी न होने देने के लिए लगातार पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ पीते रहें।
  • पहाड़ियों पर चढ़ने से पूरी तरह बचें और थकान को कम करने के लिए पर्याप्त आराम करें।
  • किसी भी आपातकालीन चिकित्सा स्थिति के लिए आपातकालीन नंबर 997 पर संपर्क किया जा सकता है।

अराफात में तापमान और स्वास्थ्य सुरक्षा की मौजूदा स्थिति

राष्ट्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मक्का और अन्य पवित्र स्थलों पर हज के दौरान तापमान 42 डिग्री सेल्सियस से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। अराफात में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से 48 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जो कि सीधे धूप और प्राकृतिक छांव की कमी के कारण सबसे संवेदनशील इलाका माना जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि 25 मई 2026 तक लगभग 144 लोगों का हीटस्ट्रोक के लिए इलाज किया जा चुका है। इसके साथ ही, सभी यात्रियों के लिए नुसुक कार्ड और आईडी बैंड पहनना अनिवार्य किया गया है ताकि उनकी पहचान और सहायता आसानी से की जा सके।

इन बीमारियों से पीड़ित लोगों को नहीं मिलेगी हज की अनुमति

गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों की सुरक्षा को देखते हुए सऊदी अधिकारियों ने कुछ कड़े नियम बनाए हैं। इन श्रेणियों के लोगों को हज परमिट नहीं दिया जाएगा:

  • गंभीर किडनी फेलियर और गंभीर हार्ट फेलियर के मरीज।
  • लिवर सिरोसिस और गंभीर मानसिक बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति।
  • अल्जाइमर (डिमेंशिया) और बुढ़ापे की वजह से अत्यधिक शारीरिक कमजोरी।
  • गर्भावस्था के आखिरी तीन महीनों में होने वाली महिलाएं।

इसके अलावा, सभी तीर्थयात्रियों के लिए मेनिंगोकोकल मेनिनजाइटिस का टीका लगवाना अनिवार्य है, ताकि किसी भी तरह के संक्रामक रोगों के प्रसार को रोका जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अराफात के दिन दोपहर 4 बजे तक बाहर क्यों नहीं निकलना चाहिए?

सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, दोपहर के समय धूप और गर्मी अपने चरम पर होती है। इस समय सीधे धूप के संपर्क में आने से हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।

आपातकालीन स्थिति में हज यात्री किस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं?

किसी भी तरह की स्वास्थ्य संबंधी आपातकालीन स्थिति या मेडिकल इमरजेंसी के लिए हज यात्री टोल-फ्री नंबर 997 पर कॉल कर सकते हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.