सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन लोगों के लिए बड़ी चेतावनी जारी की है जो अपनी जरूरी दवाओं को छोड़कर डाइट या खान-पान के नए तरीकों को अपना रहे हैं। हाल ही में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहाँ लोगों ने बिना डॉक्टर से पूछे अपनी दवाइयाँ बंद कर दीं और उनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उन्हें ICU में भर्ती करना पड़ा।

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मंत्रालय ने खास तौर पर ‘Tayyibat Diet’ (तय्यिबात डाइट) जैसे उन तरीकों से बचने को कहा है जो वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं हैं। डायबिटीज के मरीजों ने इंसुलिन और अन्य जरूरी दवाएं छोड़ दीं, जिससे उनके ब्लड शुगर लेवल में भारी बढ़ोतरी हुई और स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा।

स्वास्थ्य मंत्रालय (MOH) ने साफ कहा है कि किसी भी भोजन को पूरी तरह ‘फायदेमंद’ या ‘नुकसानदायक’ बताकर उसका प्रचार करना गलत है। बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी जरूरी फूड ग्रुप को अपनी डाइट से बाहर न करें, क्योंकि इससे शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। साथ ही, शुगर या सैचुरेटेड फैट्स के ज्यादा इस्तेमाल को सुरक्षित बताना भी खतरनाक हो सकता है।

सरकार ने लोगों को सलाह दी है कि वे स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी आधिकारिक स्रोतों से लें या मदद के लिए 937 कॉल सेंटर पर संपर्क करें। कोई भी नया डाइट प्लान शुरू करने से पहले लाइसेंस्ड न्यूट्रिशनिस्ट या डॉक्टर से बात जरूर करें। पुराने रोगों के मरीज बिना डॉक्टर की सलाह के अपने इलाज में कोई बदलाव न करें।

  • लाइसेंस जरूरी: National Center for Complementary and Alternative Medicine (NCCAM) के नियमों के मुताबिक, बिना लाइसेंस के वैकल्पिक चिकित्सा का अभ्यास करना मना है।
  • मान्यता प्राप्त इलाज: सऊदी अरब में एक्यूपंक्चर, हिजामा (cupping therapy), नेचुरोपैथी, ऑस्टियोपैथी और कायरोप्रैक्टिक जैसे इलाज ही लाइसेंस्ड हैं।
  • विदेशी विज्ञापनों से बचें: मंत्रालय ने उन विदेशी अस्पतालों से भी बचने की चेतावनी दी है जो सर्जरी के जरिए डायबिटीज के पूरी तरह इलाज का दावा करते हैं। ऐसे दावे अक्सर मरीजों को ठगने के लिए किए जाते हैं।

सऊदी विजन 2030 के तहत मंत्रालय लोगों के जीवन स्तर को सुधारने और बीमारियों के बोझ को कम करने के लिए मुफ्त दवाइयां और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।