सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को एक बहुत ज़रूरी चेतावनी जारी की है। सोशल मीडिया पर चल रहे अनचाहे और बिना वैज्ञानिक आधार वाले डाइट प्लान्स के चक्कर में लोग अपनी ज़रूरी दवाइयां छोड़ रहे हैं, जिससे उनकी सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। मंत्रालय ने साफ कहा है कि बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद करना जानलेवा हो सकता है।

बिना डॉक्टरी सलाह के डाइट अपनाना पड़ा भारी

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, कई लोग अपनी पुरानी बीमारियों की दवाइयां या उनकी खुराक अपनी मर्ज़ी से कम कर रहे हैं। मंत्रालय ने खासतौर पर Tayyibat Diet (तय्यिबात डाइट) जैसे अनसाइंटिफिक डाइट प्लान्स का ज़िक्र किया है। इन डाइट प्लान्स को फॉलो करते हुए कई मरीजों ने अपनी इंसुलिन और डायबिटीज की दवाइयां बंद कर दीं, जो कि बहुत खतरनाक साबित हुआ।

इमरजेंसी वार्ड तक पहुँचे मरीज़

दवाइयां छोड़ने के बाद कई लोगों की सेहत इतनी ज़्यादा बिगड़ गई कि उन्हें इमरजेंसी इलाज और आईसीयू (Intensive Care) की ज़रूरत पड़ी। डायबिटीज के मरीजों में शुगर लेवल बहुत ज़्यादा बढ़ने जैसी गंभीर समस्याएं देखी गईं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि खाने-पीने की चीज़ों को बिना किसी वैज्ञानिक आधार के ‘फायदेमंद’ या ‘नुकसानदेह’ बताना और ज़रूरी फूड ग्रुप्स को पूरी तरह छोड़ देना शरीर में पोषक तत्वों की कमी कर सकता है।

सही जानकारी कहाँ से लें

मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक और भरोसेमंद स्रोतों से ही सेहत से जुड़ी जानकारी लें। किसी भी नए डाइट प्लान को शुरू करने से पहले लाइसेंस प्राप्त न्यूट्रिशनिस्ट और डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें। मदद के लिए लोग 937 कॉल सेंटर पर संपर्क कर सकते हैं।

वहीं, Saudi Food and Drug Authority (SFDA) ने भी संतुलित आहार लेने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि सैचुरेटेड फैट्स और चीनी की मात्रा कम करना ज़रूरी है, क्योंकि इनका सीधा संबंध खराब कोलेस्ट्रॉल और इंसुलिन रेजिस्टेंस से होता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com