सऊदी अरब के हेल्थ सेक्टर में अब स्थानीय लोगों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। नेशनल सेंटर फॉर हेल्थ वर्कफोर्स प्लानिंग ने नए आंकड़े जारी किए हैं, जिसमें डॉक्टरों और फार्मासिस्टों की संख्या में बड़ी बढ़त देखी गई है। यह सब विज़न 2030 के तहत किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में हेल्थकेयर सेक्टर में नौकरी के समीकरण बदलेंगे।

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सऊदी सरकार की इस नीति का सीधा असर वहां काम कर रहे विदेशी स्वास्थ्य कर्मियों पर पड़ेगा। सरकार अब प्राइवेट हेल्थ सेक्टर में भी सउदीकरण को बढ़ावा दे रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को ज़्यादा मौके मिल रहे हैं।

प्रोफेशन (Profession) पुराना प्रतिशत (2018/2024) नया प्रतिशत (2026)
सउदी डॉक्टर 31% (2018) 40%
सउदी फार्मासिस्ट 32% (2018) 52%
प्राइवेट हेल्थ सेक्टर 35% (2024) 55%
नर्सिंग और मिडवाइफरी 30% 38%
मेडिकल साइंस 87%

हेल्थ सेक्टर में सउदीकरण के नए आंकड़े क्या हैं?

ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 तक सउदी डॉक्टरों का प्रतिशत बढ़कर 40% हो गया है। वहीं, फार्मासिस्टों की संख्या में और भी ज़्यादा उछाल आया है और अब यह 52% तक पहुँच गया है, जिनकी कुल संख्या 25,000 से ज़्यादा है। प्राइवेट हेल्थ सेक्टर में सउदीकरण अब 55% हो चुका है, जो 2024 में मात्र 35% था।

कुल मिलाकर अब हेल्थकेयर में 8 लाख से ज़्यादा प्रोफेशनल रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से 4 लाख 60 हज़ार से ज़्यादा सउदी नागरिक हैं। सउदी डॉक्टरों की संख्या में 2015 के मुकाबले 295% की बढ़त हुई है।

किन विभागों में सबसे ज़्यादा बढ़त हुई है?

डेंटल सेक्टर में सबसे बड़ा बदलाव आया है, जहाँ सउदी प्रैक्टिशनर्स की संख्या 32,000 पार कर गई है। यह 2015 के मुकाबले 357% की ग्रोथ है। अब यहाँ हर 1 लाख लोगों पर 107.6 डेंटिस्ट हैं, जो G20 देशों के औसत 77.4 से काफी ज़्यादा है।

मेडिकल साइंस के क्षेत्र में सउदीकरण सबसे ज़्यादा 87% तक पहुँच गया है। नर्सिंग क्षेत्र में भी अब 1 लाख 10 हज़ार सउदी नागरिक काम कर रहे हैं, जिससे इस विभाग में स्थानीय लोगों की हिस्सेदारी 30% से बढ़कर 38% हो गई है।

आने वाले समय में क्या लक्ष्य रखे गए हैं?

सऊदी सरकार ने 2027 तक डॉक्टरों के लिए 60% और फार्मासिस्टों के लिए 74% सउदीकरण का लक्ष्य रखा है। इसे पूरा करने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम बढ़ाए गए हैं। सउदी बोर्ड की सीटों में 2018 के बाद 202% की बढ़त हुई है और अब लगभग 11,000 सीटें उपलब्ध हैं।

हेल्थ एकेडमी ने 37 से ज़्यादा शहरों में 40,000 लोगों को ट्रेनिंग दी है। इसके अलावा, मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) 2026 से 2028 के बीच निताक़त प्रोग्राम का नया फेज लागू करेगा, जिसका मकसद प्राइवेट सेक्टर में 3 लाख 40 हज़ार से ज़्यादा नौकरियों को सउदी नागरिकों के लिए आरक्षित करना है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.