सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर चल रहे एक बिना प्रमाणित डाइट सिस्टम “निजाम अल-तैयबात” (Nizam Al-Tayebat) को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। मंत्रालय ने बताया कि इस डाइट प्लान के झांसे में आकर कई लोगों ने अपनी जरूरी दवाइयां और इंसुलिन बंद कर दीं, जिसके कारण उनकी हालत बेहद खराब हो गई और उन्हें आईसीयू (ICU) में भर्ती करना पड़ा। स्वास्थ्य अधिकारियों ने साफ कहा है कि इस डाइट सिस्टम का कोई भी वैज्ञानिक आधार नहीं है और यह जानलेवा साबित हो सकता है।

क्यों खतरनाक साबित हुआ ‘निजाम अल-तैयबात’ डाइट प्लान?

इस तथाकथित डाइट सिस्टम में लोगों को क्रोनिक बीमारियों जैसे डायबिटीज की दवाइयां बंद करने और एक खास तरह के खान-पान को अपनाने की सलाह दी जा रही थी। यह सिस्टम मिस्र के स्वर्गीय डॉक्टर जिया अल-अवादी से जुड़ा है, जिसमें कुछ जरूरी भोजन समूहों को छोड़कर केवल लाल मांस और चीनी जैसी चीजों पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही जाती है। सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऐसे कई गंभीर मामलों का पता लगाया है जहां मरीजों ने बिना डॉक्टर की सलाह के इंसुलिन लेना बंद कर दिया। इसके कारण उनके शरीर में शुगर का स्तर अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गया और वे डायबिटिक कीटोएसिडोसिस जैसी गंभीर स्थिति का शिकार हो गए। डायबिटीज विशेषज्ञ डॉ. यूसुफ अल-जहेब ने भी बिना डॉक्टरी सलाह के दवा रोकने को बेहद खतरनाक बताया है।

सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को क्या दी सलाह?

स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी नागरिकों और प्रवासियों को सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया पर चल रहे झूठे दावों पर भरोसा न करें और अपने स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न करें। मंत्रालय ने निम्नलिखित जरूरी बातें साझा की हैं:

  • यदि आपने किसी सोशल मीडिया पोस्ट या गैर-चिकित्सीय सलाह पर अपनी दवा बंद कर दी है, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
  • कोई भी नया डाइट प्लान शुरू करने से पहले किसी प्रमाणित न्यूट्रिशनिस्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर लें।
  • भोजन के जरूरी समूहों को डाइट से पूरी तरह बाहर न करें, क्योंकि इससे शरीर में पोषक तत्वों की भारी कमी हो सकती है।
  • स्वास्थ्य संबंधी किसी भी सही जानकारी के लिए केवल सरकारी और आधिकारिक स्रोतों जैसे मंत्रालय के “Live Healthy” (عش بصحة) प्लेटफॉर्म या संपर्क केंद्र नंबर 937 का ही उपयोग करें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब में निजाम अल-तैयबात (Nizam Al-Tayebat) डाइट को लेकर क्यों चेतावनी दी गई है?

यह एक बिना वैज्ञानिक प्रमाण वाला डाइट प्लान है। इसे अपनाने के बाद कई मरीजों ने अपनी इंसुलिन और शुगर की दवाइयां बंद कर दी थीं, जिसके कारण उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई और उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा।

अगर किसी ने सोशल मीडिया की सलाह पर दवा रोक दी है तो उसे क्या करना चाहिए?

सऊदी स्वास्थ्य मंत्रालय ने सलाह दी है कि ऐसे लोग किसी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का इंतजार किए बिना तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें और अपनी निर्धारित दवाइयां दोबारा शुरू करें।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.