सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय (MHRSD) ने कंपनियों के खिलाफ एक बहुत बड़ी मुहिम चलाई है। 2026 की पहली तिमाही में लाखों कंपनियों की जांच हुई और नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त एक्शन लिया गया। अगर आप सऊदी में नौकरी कर रहे हैं या वहां जाने की सोच रहे हैं, तो ये अपडेट आपके लिए बहुत जरूरी है क्योंकि अब नियमों में सख्ती बढ़ गई है।

निरीक्षण में कितनी कमियां मिलीं और क्या एक्शन हुआ?

मंत्रालय की टीमों ने साल 2026 के पहले तीन महीनों में निजी कंपनियों के 2,50,000 से ज्यादा दफ्तरों का दौरा किया। इस जांच के दौरान 1,68,000 से ज्यादा ऐसे मामले सामने आए जहां लेबर लॉ के नियमों का पालन नहीं किया गया था। सरकार ने सिर्फ जुर्माना ही नहीं लगाया, बल्कि लगभग 2,30,000 कंपनियों को चेतावनी भी दी ताकि वे अपनी गलतियां सुधार सकें।

  • रिक्रूटमेंट ऑफिस पर गाज: जांच के दौरान 14 रिक्रूटमेंट ऑफिस और कंपनियों में बड़ी गड़बड़ियां मिलीं।
  • लाइसेंस रद्द: इनमें से 11 ऑफिसों के लाइसेंस पूरी तरह रद्द कर दिए गए और 3 ऑफिसों को तुरंत काम रोकने का आदेश दिया गया।
  • कारण: इन ऑफिसों ने ग्राहकों की शिकायतों को नजरअंदाज किया और लोगों के पैसे वापस करने में देरी की।

लेबर लॉ के नियमों में क्या बड़े बदलाव हुए हैं?

मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्री इंजीनियर अहमद बिन सुलेमान अल-राजही ने लेबर लॉ के जुर्माने और नियमों की लिस्ट में बदलाव किए हैं। ये नए नियम फरवरी और मार्च 2026 से लागू हो चुके हैं। इसका मकसद मजदूरों के हक की रक्षा करना और काम करने के माहौल को बेहतर बनाना है।

एक बहुत जरूरी बदलाव यह है कि अब अगर कोई अस्थाई कॉन्ट्रैक्ट (Temporary Contract) 90 दिनों से ज्यादा का है, तो उस पर पूरा लेबर लॉ लागू होगा। इसका मतलब है कि अब ऐसे कर्मचारियों को भी वही कानूनी सुरक्षा मिलेगी जो पक्के कर्मचारियों को मिलती है और कंपनी नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना भरेगी।

सरकार ने अब अलग-अलग सेक्टर जैसे माइनिंग, घरेलू कामगार, कृषि और समुद्री कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए अलग-अलग नियम तय किए हैं। कॉन्ट्रैक्ट और मोबिलिटी के लिए Qiwa प्लेटफॉर्म और रिक्रूटमेंट के लिए Musaned प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि सब कुछ पारदर्शी रहे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी लेबर लॉ में 90 दिन वाले नियम का क्या मतलब है?

अब अगर कोई अस्थाई नौकरी का कॉन्ट्रैक्ट 90 दिनों से ज्यादा का होता है, तो वह पूरी तरह लेबर लॉ के दायरे में आएगा। इससे कर्मचारियों को ज्यादा सुरक्षा मिलेगी और कंपनियां मनमानी नहीं कर पाएंगी।

रिक्रूटमेंट ऑफिसों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?

Q1 2026 की जांच में 14 रिक्रूटमेंट ऑफिस दोषी पाए गए, जिनमें से 11 के लाइसेंस रद्द कर दिए गए और 3 को सस्पेंड कर दिया गया क्योंकि उन्होंने रिफंड और शिकायतों में लापरवाही की थी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com