सऊदी अरब और भारत अब अपनी संस्कृति और कला को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करेंगे। सऊदी अरब की काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग के लिए एक समझौते (MoU) को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह फैसला जेद्दा में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान लिया गया।
इस समझौते पर हस्ताक्षर पहले ही 9 नवंबर 2025 को किए जा चुके थे। सऊदी अरब के संस्कृति मंत्री प्रिंस बद्र बिन अब्दुल्ला बिन फरहान और भारत के संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने इस दस्तावेज़ पर साइन किए थे। यह पूरा कार्यक्रम रियाद में आयोजित 26वें UN Tourism General Assembly के दौरान हुआ था।
इन क्षेत्रों में होगा सहयोग
इस समझौते का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करना है। इसमें कई अलग-अलग क्षेत्रों को शामिल किया गया है, ताकि दोनों देशों के लोग एक-दूसरे की परंपराओं को समझ सकें। सहयोग के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- विरासत और म्यूजियम का रखरखाव
- थिएटर और परफॉर्मिंग आर्ट्स
- फिल्म, फैशन और संगीत
- खाना बनाने की कला और विजुअल आर्ट्स
- आर्किटेक्चर और डिजाइन
- लाइब्रेरी, साहित्य, पब्लिशिंग और अनुवाद
- पारंपरिक कला और हस्तशिल्प
- अरबी भाषा की शिक्षा
- पुरानी विरासतों को बचाने के प्रोजेक्ट्स में अनुभव साझा करना
- दोनों देशों के सांस्कृतिक उत्सवों और कार्यक्रमों में हिस्सा लेना