Saudi Arabia और India ने खाद के क्षेत्र में अपनी साझेदारी को और मजबूत करने का फैसला किया है। 11 मई 2026 को सऊदी अरब के उद्योग और खनिज संसाधन मंत्री Bandar bin Ibrahim Al-Khorayef और भारत के रसायन एवं उर्वरक मंत्री Jagat Prakash Nadda के बीच एक वर्चुअल मीटिंग हुई। इस बातचीत का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाना और दुनिया भर में खाद की सप्लाई को सुरक्षित करना था।
सऊदी और भारत की इस मीटिंग में क्या बातें हुईं?
इस मीटिंग के दौरान दोनों मंत्रियों ने सऊदी अरब और भारत के बीच गहरे आर्थिक रिश्तों की तारीफ की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों को आगे लाया जाए ताकि दोनों देशों में निवेश के नए मौके मिल सकें। मीटिंग में इस बात पर चर्चा हुई कि फॉस्फेट और खाद की सप्लाई चेन को बेहतर बनाना कितना जरूरी है, क्योंकि इससे दुनिया भर में खाद्य सुरक्षा (Food Security) और आर्थिक विकास को मदद मिलती है।
खाद की सप्लाई के लिए क्या हुआ समझौता?
यह साझेदारी पहले से चल रहे समझौतों का हिस्सा है। जुलाई 2025 में जब मंत्री Nadda सऊदी अरब गए थे, तब एक बड़ा समझौता हुआ था। इसके तहत भारत को सालाना 31 लाख मीट्रिक टन Diammonium Phosphate (DAP) खाद की सप्लाई सुनिश्चित की गई है। यह समझौता 2025-26 वित्तीय वर्ष से शुरू होकर 5 साल तक चलेगा और इसमें अगले 5 साल के लिए इसे बढ़ाने का विकल्प भी शामिल है। इस काम की निगरानी के लिए एक जॉइंट टीम बनाई गई है, जिसमें भारतीय सचिव (Fertilizer) और सऊदी के उप मंत्री (Mining Affairs) शामिल हैं।
इस पार्टनरशिप में कौन सी कंपनियां शामिल हैं?
खाद के इस बड़े कारोबार में दोनों देशों की बड़ी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं। सऊदी अरब की तरफ से Ma’aden कंपनी एक मुख्य खिलाड़ी है, जो दुनिया भर में खाद की बड़ी सप्लायर है और भारत को भी सप्लाई करती है। वहीं भारत की तरफ से IPL, KRIBHCO और Coromandel Fertilizers & Chemicals Co. जैसी कंपनियां इस साझेदारी में अहम भूमिका निभा रही हैं। सऊदी अरब अपने Vision 2030 के तहत भारत के साथ कई रणनीतिक औद्योगिक क्षेत्रों में रिश्ते सुधारना चाहता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी और भारत के बीच खाद को लेकर क्या समझौता हुआ है?
दोनों देशों के बीच सालाना 31 लाख मीट्रिक टन DAP खाद भारत को सप्लाई करने का समझौता हुआ है, जो 2025-26 से अगले 5 सालों तक चलेगा।
इस मीटिंग का मुख्य उद्देश्य क्या था?
11 मई 2026 को हुई इस मीटिंग का उद्देश्य खाद सेक्टर में साझेदारी बढ़ाना और ग्लोबल फूड सिक्योरिटी के लिए सप्लाई चेन को मजबूत करना था।
