Saudi Arabia में तनाव बढ़ा हुआ है। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रियाद की तरफ आने वाली एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया गया। वहीं दूसरी तरफ सऊदी अरब ने अमेरिका को अपने एयरबेस और आसमान का इस्तेमाल करने से मना कर दिया है, जिससे पूरे इलाके में बड़ी हलचल मच गई है।
🗞️: Lebanon में बढ़ा खतरा, सऊदी अरब का बड़ा फैसला, अपने नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने का दिया आदेश।
रियाद पर हुआ मिसाइल हमला और बचाव
सऊदी रक्षा मंत्रालय ने X पर जानकारी दी कि शनिवार सुबह रियाद की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल छोड़ी गई थी। सऊदी के डिफेंस सिस्टम ने इसे समय रहते पहचान लिया और हवा में ही नष्ट कर दिया। इससे पहले शुक्रवार को भी राजधानी रियाद को निशाना बनाने वाली कई मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराया गया था। यह सब तब हो रहा है जब अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है।
अमेरिका को सऊदी अरब का बड़ा इनकार
अल-अरबिया टीवी चैनल के मुताबिक, सऊदी अरब ने अमेरिका को अपने एयरबेस और हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी है। सऊदी अधिकारियों ने वाशिंगटन को साफ़ कह दिया कि Prince Sultan Airbase से अमेरिकी विमान उड़ान नहीं भर सकेंगे। यह फैसला अमेरिका के उस मिशन के लिए लिया गया है जिसे Project Freedom कहा जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में व्यावसायिक जहाजों को सुरक्षा देना था।
सऊदी के इस फैसले का क्या होगा असर
यह इनकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच हुई बातचीत के बाद भी लिया गया। सऊदी अरब चाहता है कि ईरान और इसराइल के बीच चल रही जंग का स्थायी अंत हो। सऊदी अब तनाव कम करने और पाकिस्तान की राजनयिक कोशिशों का समर्थन कर रहा है। सऊदी के इस कड़े रुख के कारण अमेरिका को अपना Project Freedom फिलहाल रोकना पड़ा है, जिससे अन्य खाड़ी देशों में भी हैरानी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब ने अमेरिका को किस बात से मना किया है
सऊदी अरब ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों के लिए अपने Prince Sultan Airbase और हवाई क्षेत्र (airspace) का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी है।
क्या रियाद पर हुए हमले में कोई नुकसान हुआ
सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, रियाद की ओर आने वाली बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही इंटरसेप्ट करके नष्ट कर दिया गया था।