सऊदी अरब में ईरान के राजदूत अलीरेजा इनायती (Alireza Enayati) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि मिडिल ईस्ट में अब ऐसे हालात बन चुके हैं जहां सभी देशों को मिलकर क्षेत्र के विकास के लिए आगे आना चाहिए। राजदूत ने ईरान को एक मजबूत देश बताते हुए कहा कि यह पूरे क्षेत्र के लिए अतीत की पुरानी बातों को भूलकर आगे बढ़ने और भविष्य के बारे में सोचने का एक नया मौका है।

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ईरान और सऊदी अरब के बीच सहयोग पर क्या बोले राजदूत?

सऊदी अरब में तैनात ईरान के राजदूत अलीरेजा इनायती ने 23 मई 2026 को सोशल मीडिया पर लिखा कि क्षेत्र के देशों को आपसी मदद से साथ मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने ईरान को मुश्किल समय में हमेशा टिके रहने वाला देश बताया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत आगे बढ़ रही है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने भी संकेत दिया है कि पिछले कुछ दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के मुद्दों पर सहमति बढ़ी है। हालांकि, ईरान ने साफ किया है कि वह हिजबुल्लाह को अपना समर्थन जारी रखेगा।

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की कोशिशें

हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता कराने की कोशिशें तेज हुई हैं, जिसमें पाकिस्तान भी हिस्सा ले रहा है। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य लेबनान सहित सभी मोर्चों पर चल रहे तनाव को खत्म करना है। हालांकि, ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत करने से पूरी तरह मना कर दिया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि अमेरिका, ईरान और अन्य क्षेत्रीय देशों के बीच एक समझौता लगभग तय हो चुका है।

ईरान की शर्तें और मौजूदा क्षेत्रीय हालात

इस बातचीत के बीच ईरान ने अपनी कुछ प्रमुख मांगें रखी हैं। इसमें ईरान के फ्रीज किए गए फंड को वापस करना और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर उसका नियंत्रण बहाल करना शामिल है। वहीं दूसरी तरफ, जमीनी हालात पर नजर डालें तो सीजफायर समझौते के बावजूद इजरायल ने दक्षिणी लेबनान में हवाई हमले जारी रखे हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब में ईरान के राजदूत ने क्या बयान दिया है?

राजदूत अलीरेजा इनायती ने कहा कि मिडिल ईस्ट में अब ऐसे हालात हैं जहां सभी देशों को पुरानी बातें छोड़कर आपसी सहयोग से क्षेत्र के पुनर्निर्माण के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत में क्या मुद्दे शामिल हैं?

इस बातचीत में लेबनान सहित अन्य मोर्चों पर तनाव खत्म करने पर चर्चा हो रही है। ईरान ने अपने फ्रीज किए गए पैसों की वापसी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण की मांग की है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा से मना कर दिया है।