मिडिल ईस्ट में सुरक्षा को लेकर हलचल तेज हो गई है। एक तरफ जहां ईरान और सऊदी अरब के विदेश मंत्री फोन पर तनाव कम करने के लिए बातचीत कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुवैत और बहरीन में ड्रोन और मिसाइल हमलों से स्थिति गंभीर हो गई है। 2 जून 2026 को हुई इस महत्वपूर्ण बातचीत के बीच कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी हमले की खबर आई है, जिससे प्रवासियों और यात्रियों में चिंता बढ़ गई है।
ईरान, सऊदी और मिस्र के बीच राजनयिक स्तर पर क्या बात हुई?
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद और मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती से फोन पर बातचीत की। इस बातचीत में लेबनान के मौजूदा हालात और पश्चिम एशिया में जारी तनाव को कम करने के उपायों पर चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने माना कि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने के लिए आपसी समन्वय और बातचीत का रास्ता अपनाना बेहद जरूरी है। ईरान ने लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में हो रहे हमलों को लेकर अपनी चिंता भी व्यक्त की और इसे नियमों का उल्लंघन बताया।
कुवैत एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला और अमेरिका की जवाबी कार्रवाई
सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार, 3 जून 2026 को तड़के कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टी1 टर्मिनल पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया गया। इससे वहां कुछ नुकसान हुआ और उड़ानों के मार्ग बदलने पड़े, जिससे कुवैत आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि उन्होंने कुवैत में अमेरिकी सेना को निशाना बनाकर आ रहे कई ईरानी ड्रोनों को मार गिराया। इसके अलावा बहरीन और कुवैत पर मिसाइलें दागे जाने के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के केश्म द्वीप पर बने एक सैन्य ठिकाने पर जवाबी हमला भी किया।
संघर्ष विराम और आगे की स्थिति
ईरान की सेना (IRGC) का दावा है कि उन्होंने अमेरिकी संपर्कों वाले एक जहाज और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इस बीच, ईरानी मीडिया ने खबर दी है कि ईरान ने अमेरिका और इजराइल के साथ चल रही संघर्ष विराम विस्तार की बातचीत को रोक दिया है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि बातचीत अभी भी जारी है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए सुरक्षा और हवाई यात्रा के लिहाज से यह घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण हो गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान और सऊदी अरब के मंत्रियों के बीच बातचीत का मुख्य विषय क्या था?
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को कम करने और लेबनान के हालात पर चर्चा की ताकि क्षेत्र में सुरक्षा और शांति बनी रहे।
कुवैत एयरपोर्ट पर हमले का हवाई यात्रा पर क्या असर पड़ा?
कुवैत एयरपोर्ट के टी1 टर्मिनल पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमले के बाद उड़ानों को दूसरे रूट पर डायवर्ट करना पड़ा, जिससे यात्रियों को परेशानी हुई।
