सऊदी अरब और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए एक बार फिर बड़ी कोशिशें शुरू हो गई हैं। दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने फोन पर बात की और इस बात पर चर्चा की कि इलाके में शांति कैसे लाई जाए। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब पूरी दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट के हालात पर टिकी हैं और लोग स्थिरता की उम्मीद कर रहे हैं।

सऊदी और ईरान के बीच क्या बातचीत हुई?

26 अप्रैल 2026, रविवार को सऊदी अरब के विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच फोन पर बातचीत हुई। इस चर्चा के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:

  • दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय तनाव को कम करने और स्थिरता बहाल करने के तरीकों पर बात की।
  • ईरान के विदेश मंत्री ने युद्ध खत्म करने और दबाव कम करने के लिए अपनी तरफ से की जा रही कोशिशों की जानकारी साझा की।
  • इस बातचीत से संकेत मिले हैं कि क्षेत्र में संवाद के लिए फिर से माहौल बन रहा है।

शांति के लिए और किन देशों ने की कोशिश?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने केवल सऊदी अरब ही नहीं, बल्कि अन्य देशों से भी संपर्क किया ताकि विवादों को सुलझाया जा सके।

  • Qatar: ईरान के विदेश मंत्री ने कतरी समकक्ष से बात की और कतर ने मध्यस्थता करने की अपनी इच्छा जताई।
  • France: फ्रांस के विदेश मंत्री Jean-Noel Barrot से भी बातचीत हुई, जिसमें फ्रांस ने पश्चिम एशिया में शांति के लिए राजनयिक प्रयासों का समर्थन किया।
  • Pakistan और Oman: बातचीत से पहले Araghchi ने पाकिस्तान और ओमान का दौरा भी किया था। पाकिस्तान ने इससे पहले 8 अप्रैल को ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते का ceasefire कराने में मदद की थी।

अमेरिका और ईरान के बीच ceasefire में क्या रुकावटें हैं?

ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम को लेकर भी चर्चा हुई, लेकिन कुछ बड़े मुद्दे अब भी बीच में आ रहे हैं। इन मुद्दों की वजह से स्थायी समाधान में मुश्किल हो रही है:

  • Strait of Hormuz: इस समुद्री रास्ते को लेकर दोनों देशों के बीच मतभेद हैं।
  • Port Blockade: अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी एक बड़ा मुद्दा है।
  • Enriched Uranium: ईरान के यूरेनियम संवर्धन को लेकर भी विवाद बना हुआ है।

इस बीच, ईरान के एक वरिष्ठ lawmaker Ebrahim Azizi ने टीवी पर कहा कि ceasefire को इसलिए स्वीकार किया गया ताकि सैन्य क्षमता को फिर से बनाया जा सके और हथियारों की कमी को पूरा किया जा सके।