सऊदी अरब और जापान ने दुनिया भर में तेल की सप्लाई और ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सऊदी ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान और जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्री अकाज़ावा र्योसेई के बीच गुरुवार को एक वर्चुअल मीटिंग हुई। इस बातचीत में दोनों देशों ने अपनी पुरानी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई है।
👉: Gaza में इसराइल का बड़ा हमला, सुरक्षा पोस्ट पर गिरी मिसाइल, हमास चीफ के बेटे समेत 3 की मौत।
सऊदी और जापान के बीच क्या हुआ समझौता
दोनों मंत्रियों ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए आपसी तालमेल बढ़ाने पर जोर दिया। जापान के प्रधानमंत्री Takaichi Sanae ने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को एक पत्र भेजा था, जिसमें ऊर्जा और उससे जुड़े क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही गई थी। बैठक के दौरान ऊर्जा सप्लाई चेन, बुनियादी ढांचे, रणनीतिक भंडारण और निवेश के अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई।
नई टास्क फोर्स का क्या काम होगा
सऊदी अरब और जापान ने एक Joint Task Force बनाने का फैसला किया है। इस टास्क फोर्स के काम की चर्चा अगले हफ्ते की शुरुआत से शुरू होगी। इसका मुख्य मकसद मिडिल ईस्ट में मौजूदा तनाव के बीच कच्चे तेल की सप्लाई को बिना किसी रुकावट के जारी रखना और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करना है। इसके अलावा यह टीम सऊदी अरब, जापान और अन्य एशियाई देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के नए रास्ते तलाशेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी और जापान के बीच मीटिंग कब हुई
सऊदी ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान और जापानी मंत्री अकाज़ावा र्योसेई के बीच यह वर्चुअल मीटिंग गुरुवार, 7 मई 2026 को हुई थी।
नई टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य क्या है
इस टास्क फोर्स का उद्देश्य मिडिल ईस्ट के तनाव के बीच कच्चे तेल की स्थिर सप्लाई सुनिश्चित करना और ऊर्जा सुरक्षा के लिए दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है।