Saudi Arabia Japan News: सऊदी और जापान ने मिलाया हाथ, ईरान की नाकेबंदी के बाद लाल सागर से भेजा जाएगा तेल

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और जापान के प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के बीच गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को फोन पर बातचीत हुई. इस 30 मिनट की कॉल में दुनिया में बढ़ते तनाव और समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर गहराई से चर्चा की गई. सबसे अहम फैसला यह रहा कि जापान को तेल पहुँचाने के लिए अब एक नया रास्ता इस्तेमाल किया जाएगा ताकि ऊर्जा की सप्लाई में कोई रुकावट न आए.

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लाल सागर से तेल भेजने का नया रास्ता क्यों चुना गया?

अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को ब्लॉक कर दिया था, जिससे तेल की सप्लाई पर खतरा मंडराने लगा था. इस समस्या को सुलझाने के लिए सऊदी अरब और जापान ने लाल सागर (Red Sea) के जरिए एक वैकल्पिक रास्ता बनाने पर सहमति जताई है. प्रधानमंत्री ताकाइची ने इस मुश्किल समय में मदद के लिए सऊदी अरब का शुक्रिया अदा किया. क्राउन प्रिंस ने भरोसा दिया कि जापान सहित दुनिया के बाजारों को तेल की स्थिर सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी.

क्षेत्रीय शांति और अन्य सहयोग पर क्या हुई बात?

बातचीत के दौरान जापान के प्रधानमंत्री ने सऊदी अरब में हुए हमलों और वहां हुए नुकसान पर दुख जताया. उन्होंने तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान निकालने के सऊदी प्रयासों की तारीफ की. इसके अलावा, दोनों देशों ने केवल तेल ही नहीं, बल्कि स्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ई-स्पोर्ट्स, गेमिंग और निवेश जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी आपसी सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है. सऊदी काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने भी अंतरराष्ट्रीय समुद्री गलियारों की सुरक्षा और नेविगेशन की आजादी को जरूरी बताया है.