सऊदी अरब और जापान ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का फैसला किया है। टोक्यो में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य मिडिल ईस्ट में स्थिरता बनाए रखना और समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखना है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
बैठक में सऊदी उप विदेश मंत्री Eng. Waleed Elkhereiji और जापान के प्रथम विदेश उप मंत्री Hiroyuki Namazu शामिल हुए। इस दौरान सऊदी अरब के जापान में राजदूत Dr. Ghazi Binzagr भी मौजूद थे। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि Strait of Hormuz से होने वाली समुद्री आवाजाही पूरी तरह सुरक्षित होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मार्ग पर कोई भी अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाया जाना चाहिए, ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार बिना किसी रुकावट के जारी रहे।
सहयोग के नए आयाम
दोनों देशों ने आने वाले समय में राजनीति, सुरक्षा, ऊर्जा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्रों में मिलकर काम करने का संकल्प लिया है। अधिकारियों ने मिडिल ईस्ट, रेड सी और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के ताजा हालातों पर भी अपने विचार साझा किए। दोनों देशों ने भविष्य में भी आपसी समन्वय बनाए रखने का वादा किया है ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनी रहे।
