सऊदी अरब की सरकार ने जेद्दाह इस्लामिक पोर्ट पर लॉजिस्टिक्स हब के विस्तार को मंजूरी दे दी है। सऊदी कैबिनेट की बैठक में लिए गए इस फैसले का मुख्य उद्देश्य देश की व्यापारिक क्षमता को बढ़ाना और विजन 2030 के लक्ष्यों को तेजी से पूरा करना है। यह कदम सऊदी अरब के परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाएगा।
रोजगार और निवेश का नया मौका
सऊदी पोर्ट अथॉरिटी यानी Mawani ने हाल ही में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ 1 अरब सऊदी रियाल यानी करीब 267 मिलियन अमेरिकी डॉलर के समझौते किए हैं। इन समझौतों के तहत जेद्दाह पोर्ट के 384,000 वर्ग मीटर से ज्यादा इलाके को विकसित किया जाएगा, जहाँ सामान रखने, पैकिंग और एक्सपोर्ट की सुविधा मिलेगी। इस बड़े प्रोजेक्ट से करीब 5,000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां पैदा होंगी।
25 साल का है समझौता
परिवहन और लॉजिस्टिक्स मंत्री Eng. Saleh bin Nasser Al-Jasser ने बताया कि यह निवेश देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई पर ले जाएगा। इसमें Maersk जैसी दिग्गज कंपनियों की भी बड़ी भूमिका है, जो अकेले 40 मिलियन रियाल का निवेश करके 60,000 वर्ग मीटर में नए कंटेनर यार्ड तैयार करेंगी। ये सभी समझौते 25 साल की अवधि के लिए किए गए हैं। अब सऊदी अरब के बंदरगाहों पर कुल 34 लॉजिस्टिक्स केंद्र हो गए हैं, जिनमें से 17 अकेले जेद्दाह में स्थित हैं और इन पर अब तक कुल 14 अरब रियाल से ज्यादा का निवेश किया गया है।
