सऊदी अरब और जॉर्डन के विदेश मंत्रियों ने हाल ही में फोन पर बातचीत की है। इस दौरान दोनों देशों ने क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया है। सऊदी विदेश मंत्री Prince Faisal bin Farhan bin Abdullah और जॉर्डन के उप प्रधानमंत्री Ayman Safadi ने समुद्री नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों के पालन पर चर्चा की।
हमलों पर कड़ा रुख
दोनों मंत्रियों ने यमन और इराक में सक्रिय ईरान समर्थित मिलिशिया द्वारा किए जा रहे हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि ये हमले सऊदी अरब और अन्य क्षेत्रीय देशों को निशाना बना रहे हैं। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव कम करने की कोशिशें की जा रही हैं।
सऊदी अरब की रक्षा तैयारी
27 जुलाई 2026 को सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने इराक की तरफ से आए कई ड्रोन्स को नष्ट किया। ये ड्रोन्स सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत और रियाद में तेल सुविधाओं को निशाना बनाने की कोशिश कर रहे थे। सऊदी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Major General Turki al-Maliki ने स्पष्ट किया कि सऊदी अरब अपने बचाव का पूरा हक रखता है। वहीं, यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार की विदेश मंत्री Afrah al-Zouba ने भी चेतावनी दी है कि ईरान समर्थित हूती गुट अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं।
